मशीन वाला प्रॉडिजी में जादू और विज्ञान का मेल देखकर मन मोहित हो गया। बूढ़े जादूगर की छड़ी से निकली सुनहरी रोशनी और फिर हवा में उड़ता सूटकेस, सब कुछ इतना जादुई था कि बस देखते ही रह गए। बच्चे की मासूमियत और बूढ़े आदमी का प्यार दिल को छू गया। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखना सुकून देता है।
जब बच्चे ने उस बूढ़े जादूगर का हाथ पकड़ा और रोते हुए कुछ कहा, तो आँखें नम हो गईं। मशीन वाला प्रॉडिजी ने दिखाया कि कैसे एक छोटा सा बच्चा भी बड़े से बड़े जादूगर के दिल को पिघला सकता है। वो दृश्य जहाँ वो दोनों हवा में उड़ रहे थे, बिल्कुल सपनों जैसा लगा। नेटशॉर्ट पर ऐसे इमोशनल मोमेंट्स मिलना दुर्लभ है।
मशीन वाला प्रॉडिजी के विजुअल्स देखकर दंग रह गया। वो विशाल महल, हवा में उड़ते घोड़े, और ड्रैगन, सब कुछ इतना रियलिस्टिक था कि लगा मैं खुद उस दुनिया में हूँ। खासकर वो सीन जहाँ बूढ़ा आदमी और बच्चा सूटकेस पर बैठकर बादलों के ऊपर उड़ रहे थे, बिल्कुल फिल्म जैसा अनुभव था। नेटशॉर्ट की क्वालिटी दिन-ब-दिन बेहतर हो रही है।
मशीन वाला प्रॉडिजी में वो नीली चमकती गेंद सबसे ज्यादा रहस्यमयी लगी। जब युवकों ने उसे छूने की कोशिश की और उनमें से कुछ को झटका लगा, तो लगा कि इस गेंद में कोई बड़ा राज छिपा है। बूढ़े आदमी का उस गेंद को छूना और उसकी आँखों का नीला हो जाना, सब कुछ इतना ड्रामेटिक था कि बस देखते रह गए। नेटशॉर्ट पर ऐसे ट्विस्ट्स मिलना मजेदार है।
मशीन वाला प्रॉडिजी में बच्चे का किरदार सबसे ज्यादा प्यारा लगा। उसकी मासूम आँखें और जादू को देखकर हैरान हो जाना, सब कुछ इतना नेचुरल था कि लगा वो सच में उस दुनिया का हिस्सा है। जब उसने लॉलीपॉप खाते हुए उस बूढ़े आदमी के साथ उड़ान भरी, तो लगा कि बचपन की मासूमियत ही सबसे बड़ा जादू है। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखकर दिल खुश हो जाता है।
मशीन वाला प्रॉडिजी ने जादूगरों की एक ऐसी दुनिया दिखाई जो बिल्कुल अलग थी। वो लाल और काले लिबास पहने युवक, उनका अहंकार और फिर उस गेंद के सामने उनकी हार, सब कुछ इतना ड्रामेटिक था कि बस देखते रह गए। खासकर वो सीन जहाँ एक युवक हँस रहा था और फिर अचानक गुस्से में चिल्लाने लगा, बिल्कुल फिल्मी अंदाज था। नेटशॉर्ट पर ऐसे शो देखना मजेदार है।
मशीन वाला प्रॉडिजी में उस बूढ़े आदमी का किरदार सबसे ज्यादा रहस्यमयी लगा। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी और जब उसने उस गेंद को छूआ, तो लगा कि वो कोई साधारण इंसान नहीं है। उसका बच्चे के साथ प्यार और फिर उस गेंद के सामने उसका रवैया, सब कुछ इतना ड्रामेटिक था कि बस देखते रह गए। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखकर हैरानी होती है।
मशीन वाला प्रॉडिजी में उड़ान के दृश्य देखकर लगा कि मैं खुद हवा में उड़ रहा हूँ। वो सूटकेस जिसमें पंखे लगे थे और जो हवा में तैर रहा था, बिल्कुल सपनों जैसा लगा। बूढ़े आदमी और बच्चे का वो सफर, बादलों के ऊपर से गुजरना और फिर उस विशाल महल में पहुँचना, सब कुछ इतना जादुई था कि बस देखते रह गए। नेटशॉर्ट पर ऐसे विजुअल्स मिलना दुर्लभ है।
मशीन वाला प्रॉडिजी में उस नीली गेंद की शक्ति देखकर दंग रह गया। जब बूढ़े आदमी ने उसे छूआ और उसकी आँखें नीली हो गईं, तो लगा कि उस गेंद में कोई अलौकिक शक्ति है। फिर उस बच्चे और उस युवक की आँखों का भी नीला हो जाना, सब कुछ इतना ड्रामेटिक था कि बस देखते रह गए। नेटशॉर्ट पर ऐसे ट्विस्ट्स मिलना मजेदार है।
मशीन वाला प्रॉडिजी का अंत देखकर लगा कि यह तो बस शुरुआत है। जब उस बूढ़े आदमी और बच्चे ने उस गेंद को छूआ और उनकी आँखें नीली हो गईं, तो लगा कि अब कुछ बड़ा होने वाला है। उन युवकों के चेहरे पर डर और हैरानी देखकर लगा कि अब इस कहानी में एक नया मोड़ आने वाला है। नेटशॉर्ट पर ऐसे क्लिफहैंगर देखकर उत्सुकता बढ़ जाती है।
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