किचन का वो सीन देखकर तो मैं हैरान रह गया। जैक्स इतना प्यार से ब्रेकफास्ट बना रहा था, लेकिन उसकी आँखों में कुछ और ही चमक थी। जब वो ब्लोंड लड़के के करीब गया, तो माहौल में एक अजीब सी टेंशन आ गई। जैक्स का ट्रैप की शुरुआत ही इतनी इंटेंस है कि पता नहीं आगे क्या होने वाला है। रिलेशनशिप की ये डायनामिक्स बहुत गहरी लग रही हैं।
स्टेडियम का सीन देखकर लगा कि अब सब नॉर्मल होगा, लेकिन जैक्स का फोकस सिर्फ गेम पर नहीं था। उसकी नज़रें हमेशा उस ब्लोंड प्लेयर पर टिकी थीं। जब वो दोनों हेल्मेट में आमने-सामने आए, तो लगा जैसे कोई बड़ा खुलासा होने वाला है। जैक्स का ट्रैप में स्पोर्ट्स और इमोशन का ये मिक्स बहुत अच्छा लगा। एक्शन के बीच भी इमोशनल कनेक्शन बना हुआ है।
जब जैक्स कंट्रोल रूम में घुसा और उस लड़के को गले से पकड़ लिया, तो मेरी सांसें रुक गईं। वो टाइमर जो पीछे चल रहा था, उसने सीन को और भी डरावना बना दिया। जैक्स की आँखों में गुस्सा और दर्द दोनों साफ दिख रहे थे। जैक्स का ट्रैप का ये ट्विस्ट बिल्कुल उम्मीद नहीं था। एक्शन और सस्पेंस का परफेक्ट बैलेंस है।
जैक्स ने जब वो कुर्सी उठाकर मॉनिटर पर दे मारी, तो स्क्रीन के टुकड़े-टुकड़े हो गए। वो विजुअल इफेक्ट्स और बिजली की कड़कड़ाहट ने सीन को सिनेमैटिक बना दिया। इतनी ताकत और गुस्सा देखकर डर भी लग रहा था और मज़ा भी। जैक्स का ट्रैप में ऐसे एक्शन सीन्स की उम्मीद नहीं थी। डायरेक्शन और विजुअल्स दोनों शानदार हैं।
जब जैक्स ने उस यूएसबी ड्राइव को अपने जूते से कुचल दिया, तो लगा जैसे कोई बड़ा सबूत खत्म हो गया। वो ब्लडी हैंड और टूटा हुआ ड्राइव कहानी के अगले मोड़ की ओर इशारा कर रहे हैं। जैक्स का ट्रैप में हर छोटी चीज़ का मतलब निकलता है। मिस्ट्री और एक्शन का ये कॉम्बिनेशन बहुत ही लाजवाब है। आगे क्या होगा, ये सोचकर ही रोमांच हो रहा है।
जब वो ब्लोंड प्लेयर नंबर १० कंट्रोल रूम में आया और जैक्स से भिड़ गया, तो लगा जैसे दोस्तों के बीच की दुश्मनी सामने आ गई। उनकी बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग्स में जो गुस्सा था, वो साफ झलक रहा था। जैक्स का ट्रैप में रिश्तों की ये जटिलता बहुत अच्छे से दिखाई गई है। हर किरदार के पास अपनी कहानी है जो धीरे-धीरे खुल रही है।
मैंने नेटशॉर्ट ऐप पर कई शोज देखे हैं, लेकिन जैक्स का ट्रैप ने मुझे सबसे ज्यादा पकड़ा है। कहानी की रफ़्तार और किरदारों की गहराई बेमिसाल है। हर एपिसोड के बाद अगला एपिसोड देखने की बेचैनी होती है। एक्टिंग और प्रोडक्शन क्वालिटी भी टीवी शोज से कम नहीं है। अगर आप थ्रिलर और ड्रामा पसंद करते हैं, तो ये मिस नहीं कर सकते।
शुरुआत में जैक्स को एक प्यारा सा लड़का लगा जो ब्रेकफास्ट बना रहा था, लेकिन बाद में उसका वो खूंखार रूप देखकर होश उड़ गए। उसने जिस तरह से उस लड़के को धमकाया और कुर्सी फेंकी, वो उसकी छवि को पूरी तरह बदल देता है। जैक्स का ट्रैप में किरदारों की ये लेयरिंग बहुत अच्छी है। कोई भी किरदार सीधा-सादा नहीं है, सबके पास कुछ छुपाने को है।
कंट्रोल रूम में वो लाल रंग का टाइमर जब उल्टी गिनती गिन रहा था, तो सीन की टेंशन अपने पीक पर थी। जैक्स का चेहरा और उस लड़के की चीखें माहौल को और भी डरावना बना रही थीं। जैक्स का ट्रैप में सस्पेंस बनाए रखने का ये तरीका बहुत ही कमाल का है। दर्शक को हर पल ये सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर हो क्या रहा है।
जैक्स और उस ब्लोंड लड़के के बीच का रिश्ता समझ से परे है। कभी लगता है जैसे वो बहुत करीब हैं, तो कभी एक-दूसरे के गले पड़ जाते हैं। जैक्स का ट्रैप में इस रिश्ते की पड़ताल करना सबसे दिलचस्प हिस्सा है। क्या ये सच्ची दोस्ती है या कोई बड़ा धोखा? हर सीन नए सवाल खड़ा कर देता है और जवाब ढूंढने के लिए मजबूर कर देता है।
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