जब जैक्स ने वह कुकी खाई, तो लगा जैसे कोई पुरानी याद ताज़ा हो गई हो। आँसू और मुस्कान का ये मिश्रण दिल को छू गया। जैक्स का ट्रैप में ऐसे पल ही तो असली कहानी कहते हैं। बिना डायलॉग के भी इतना दर्द और प्यार दिखाना आसान नहीं है।
वो गले मिलने वाला सीन देखकर मेरी आँखें भी भर आईं। जैक्स का रोना और उस लड़के का उसे सहारा देना... बिल्कुल वैसे ही जैसे जैक्स का ट्रैप में दिखाया गया है। कभी-कभी शब्दों से ज़्यादा एक गले मिलना सब कह देता है।
बिस्तर पर लेटे-लेटे उनकी नज़रों का मिलना और फिर उंगली का वो स्पर्श... वाह! जैक्स का ट्रैप के इस सीन में इतनी इंटेंसिटी थी कि साँस रुक गई। प्यार कभी-कभी चुपचाप भी बहुत कुछ कह जाता है।
किचन में शुरू हुई ये कहानी बेडरूम तक पहुँचते-पहुँचते कितनी गहरी हो गई। जैक्स की कमज़ोरी और उसका सहारा, सब कुछ जैक्स का ट्रैप में बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। हर फ्रेम में एक नया एहसास है।
रोने के बाद वो चुंबन... बिल्कुल फिल्मों जैसा लगा! जैक्स का ट्रैप में ऐसे पल ही तो दर्शकों को बाँधे रखते हैं। जैक्स का दर्द और फिर राहत, सब कुछ इतना रियल लगा कि लगा मैं भी वहीं हूँ।
अचानक उस लड़की का आना और जैक्स का हैरान होना... कहानी में नया मोड़ आ गया! जैक्स का ट्रैप में हर सीन के बाद कुछ न कुछ नया होता है। अब देखना है ये डायरी किसकी है और क्यों रो रही है वो।
वो पुरानी डायरी... शायद इसमें छुपा है सब राज़! जैक्स के आँसू और फिर ये लड़की, सब कुछ जैक्स का ट्रैप में एक पहेली की तरह बुना गया है। अब तो अगला एपिसोड देखने का इंतज़ार नहीं हो रहा।
लकड़ी की दीवारें, धूप की किरणें और वो पुराना फर्नीचर... जैक्स का ट्रैप के सेट डिज़ाइन ने कहानी को और भी गहरा बना दिया है। हर चीज़ में एक नॉस्टल्जिया है जो दिल को छू जाता है।
रोने के बाद जैक्स की वो हल्की सी मुस्कान... दिल जीत लेने वाली थी! जैक्स का ट्रैप में ऐसे छोटे-छोटे एक्सप्रेशन ही तो एक्टिंग को असली बनाते हैं। लगता है अब सब ठीक हो जाएगा।
इतना सब कुछ देखने के बाद अब अगला एपिसोड कब आएगा? जैक्स का ट्रैप ने तो नींद ही उड़ा दी है। जैक्स और उस लड़के की कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, ये जानने का बेसब्री से इंतज़ार है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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