जैक्स का बैग पैक करते ही माँ की आँखों में आँसू आ गए। वह रोकना चाहती थी पर शायद जानती थी कि अब वह रुकने वाला नहीं। जैक्स का ट्रैप में यह सीन दिल को छू लेता है जब एक माँ की मजबूरी और बेटे की जिद दोनों साफ़ दिखती हैं। कमरे में सन्नाटा और माँ के हाथ में वह पुरानी चीज़... बस देखकर ही रूह कांप गई।
पहले जैक्स फुटबॉल मैदान में धमाके कर रहा था, और अगले ही पल वह क्लासरूम में शांत बैठा लिख रहा है। यह बदलाव इतना अचानक कि लगता है कुछ गड़बड़ है। जैक्स का ट्रैप की कहानी में यह मोड़ बहुत गहरा है। जब वह पसीने से तर-बतर होकर लिख रहा था, तो लगा कि वह अपनी तकलीफ को कागज पर उतार रहा हो।
जब जैक्स खिड़की के बाहर खड़े उस लड़के को देखता है, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक आ जाती है। वह कौन है? क्यों जैक्स उसे देखकर इतना घबरा गया? जैक्स का ट्रैप में यह रहस्य धीरे-धीरे खुल रहा है। उस लड़के के गले में पेंडेंट और जैक्स की घबराहट... कुछ तो होने वाला है।
जैक्स के जाने के बाद माँ अंधेरे कमरे में अकेले बैठी हैं। दीवारों पर पुरानी तस्वीरें और पोस्टर... शायद जैक्स के बचपन की यादें। जैक्स का ट्रैप में यह सीन बहुत भारी है। एक माँ का अकेलापन और उसकी आँखों में छिपा डर... बस देखकर ही लगता है कि आगे कुछ बड़ा होने वाला है।
जैक्स के गले से पसीने की एक बूंद गिरती है और वह अचानक अपनी छाती पकड़ लेता है। क्या यह सिर्फ थकान है या कुछ और? जैक्स का ट्रैप में यह छोटा सा बारीकी बहुत बड़ा संकेत देता है। उसकी साँसें तेज़ हो रही हैं और चेहरे पर डर... लगता है वह किसी दबाव में है।
मैच का स्कोरबोर्ड दिखाता है कि जॉक टीम आगे है, लेकिन कोच की नाराजगी साफ़ दिख रही है। जैक्स के चोटिल होने के बाद भी खेल जारी है। जैक्स का ट्रैप में यह दिखाता है कि खेल के मैदान में कितनी राजनीति होती है। कोच का इशारा और खिलाड़ियों की घबराहट... सब कुछ सही नहीं लग रहा।
जैक्स की डायरी में वह क्या लिख रहा था? जब वह फाउंटेन पेन से लिख रहा था, तो उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। जैक्स का ट्रैप में यह डायरी शायद पूरी कहानी की चाबी है। उसने क्या लिखा जो उसे इतना परेशान कर रहा है? शायद वह अपने राज छिपा रहा है।
वह लड़का जो खिड़की के बाहर खड़ा था, उसने जैक्स को देखा और फिर अपने गले में पेंडेंट छू लिया। क्या यह पेंडेंट किसी खास इंसान की याद दिलाता है? जैक्स का ट्रैप में यह संबंध बहुत गहरा लग रहा है। दोनों के बीच कुछ अनकहा है जो धीरे-धीरे सामने आएगा।
माँ के हाथ में वह लाल-सफेद-नीली रस्सी वाली चीज़... शायद जैक्स की कोई पुरानी यादगार। जब वह उसे देख रही थीं, तो उनकी आँखों में आँसू थे। जैक्स का ट्रैप में यह छोटी सी चीज़ बहुत बड़ी भावनात्मक कहानी कहती है। माँ और बेटे के बीच का यह रिश्ता बहुत नाज़ुक लग रहा है।
जब जैक्स ने उस लड़के को देखा, तो उसकी आँखों में एक अजीब सा डर था। वह कुछ बोलना चाहता था पर रुक गया। जैक्स का ट्रैप में यह सीन बहुत तनाव भरा है। क्या वह लड़का उसकी जिंदगी में कोई नया मोड़ लेकर आया है? जैक्स की घबराहट साफ़ दिख रही थी।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम