जेल की वो ठंडी और नमी वाली दीवारें और गार्ड की टॉर्च की तेज रोशनी देखकर ही रोंगटे खड़े हो गए। कैदी औरत की आँखों में वो अजीब सी चमक साफ दिख रही थी जो बताती है कि वो हार नहीं मानने वाली है। एक माँ का जेलब्रेक देखकर लगा कि माँ का जुनून किसी भी मजबूत दीवार को तोड़ सकता है। बहुत ही सस्पेंस से भरा सीन था जो दिल की धड़कनें काफी बढ़ा देता है। हर पल ये डर बना रहता है कि कहीं वो पकड़ी न जाए।
चमचे से खुदाई करने वाला सीन बहुत ही क्लासिक लगा लेकिन यहाँ उसमें एक नयापन था जो पुराने फिल्मों जैसा नहीं लगा। उस औरत की मेहनत और माथे का पसीना देखकर समझ आ गया कि आज़ादी के लिए क्या बड़ी कुर्बानियां देनी पड़ती हैं। एक माँ का जेलब्रेक में दिखाया गया संघर्ष सच्चाई के बहुत करीब लगता है। हर फ्रेम में तनाव बना हुआ था जो दर्शक को बांधे रखता है। ये दृश्य बहुत प्रेरणादायक है।
गार्ड का शक और उसकी हरकतें देखकर लग रहा था कि अब वो पकड़ी जाएगी और सब खत्म हो जाएगा। लेकिन उस कैदी की चालाकी ने सबको चौंका दिया और सांस रुक गई। नीली रोशनी वाला माहौल बहुत ही डरावना और रहस्यमयी लगा जो रात में देखने में मज़ा देता है। एक माँ का जेलब्रेक की कहानी में ये मोड़ बहुत ही जबरदस्त था। बस यही उम्मीद है कि वो सफल हो पाएगी।
कपड़े फाड़कर सलाखों से बांधने वाला सीन बहुत ही हिम्मत वाला था और देखने में काफी इंटेंस लगा। उस औरत की ताकत और जज़्बात दोनों ही काबिले तारीफ हैं और दिल को छू लेते हैं। जेल की सख्त सजावट के बीच ये उम्मीद की किरण बहुत अच्छी लगी जो निराशा में भी रोशनी देती है। एक माँ का जेलब्रेक ने साबित कर दिया कि इश्क और ममता के आगे सब छोटा है। बहुत ही इमोशनल जर्नी है ये।
रात के वक्त जेल में गहरा सन्नाटा और फिर वो छोटी आहटें, सब कुछ बहुत ही डरावना और सस्पेंस से भरा था। गार्ड की वर्दी और उसका रवैया बहुत ही असली लगा जो कहीं न कहीं डराता भी है। कैदी की बेचैनी को बहुत बारीकी से दिखाया गया है जो एक्टिंग की तारीफ करवाता है। एक माँ का जेलब्रेक में ऐसे सीन्स हैं जो आपको सोने नहीं देंगे। रात भर लगातार देखने का मन करता है इस सीरीज़ को।
पानी में गिरा हुआ चमचा और वो कोशिशें, सब कुछ बहुत ही बारीकी से दिखाया गया है और ध्यान देने योग्य है। डायरेक्टर ने हर छोटी चीज़ पर ध्यान दिया है जो कहानी को मजबूत बनाता है। कैदी की आँखों में डर और उम्मीद दोनों साफ झलक रहे थे जो एक्टिंग का कमाल है। एक माँ का जेलब्रेक की स्टोरीलाइन बहुत ही यूनिक है जो बार बार देखने को मजबूर करती है। ऐसे थ्रिलर देखकर ही असली मज़ा आता है।
जेल की सलाखों के पीछे की कहानी हमेशा से ही दिलचस्प रही है और लोगों को पसंद भी आती है। इस बार एक माँ का जेलब्रेक ने उसमें नया जान डाल दिया है जो पुराने किरदारों से अलग है। औरत की मजबूरी और उसकी ताकत दोनों को बराबर दिखाया गया है जो न्यायपूर्ण लगता है। हर एपिसोड के बाद अगला एपिसोड देखने की जल्दी होती है जो शो की कामयाबी है। बहुत ही शानदार प्रोडक्शन वैल्यू है इसमें।
गार्ड की टॉर्च की रोशनी जब चेहरे पर पड़ती है तो वो डर असली लगता है और रूह कांप जाती है। कैदी की प्लानिंग बहुत ही स्मार्ट थी जो किसी को शक नहीं हुआ और सब हैरान रह गए। जेल के अंधेरे कोने और वो रोशनी का खेल बहुत ही खूबसूरत था जो विजुअल ट्रीट देता है। एक माँ का जेलब्रेक में ऐसे विजुअल्स हैं जो दिमाग पर छा जाते हैं और भुलाए नहीं जाते। बहुत ही बेहतरीन कलाकारी है।
नींद से जागते ही उसने जो कदम उठाया वो बहुत ही बहादुरी वाला था और रिस्क से भरा हुआ था। हर पल लग रहा था कि अब शायद पकड़ लेंगे और सब खत्म हो जाएगा। सस्पेंस बनाए रखना आसान नहीं होता लेकिन यहाँ वो बहुत अच्छे से किया गया है जो तारीफ के काबिल है। एक माँ का जेलब्रेक की वजह से ही मैंने इस ऐप को डाउनलोड किया था। अब तो दीवाने हो गए हैं इस शो के और हर पल इंतज़ार रहता है।
आखिर में वो मुस्कान देखकर लगा कि शायद प्लान काम कर गया और मेहनत रंग लाई। गार्ड का कन्फ्यूजन और कैदी की जीत का पल बहुत ही सुकून देने वाला था जो देखने में अच्छा लगा। जेल की दीवारें हिल गईं इस कहानी में और उम्मीद जाग गई। एक माँ का जेलब्रेक का अंत कैसे होगा ये जानने की बेचैनी है। जल्दी से नया सीज़न आए बस यही दुआ है और सब यही चाहते हैं।
इस एपिसोड की समीक्षा
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