चम्मच से दीवार खोदने का सीन देखकर हंसी भी आई और डर भी लगा। जेल की सख्त निगरानी के बीच ये कोशिश बहुत जोखिम भरी लग रही थी। ब्लेयर की आंखों में छटपटाहट साफ दिख रही थी। एक मां का जेलब्रेक में ऐसे सीन दर्शकों को बांधे रखते हैं। हर पल लगता है कि अब पकड़े जाएंगे। चालाकी से काम लेना ही इनकी मजबूरी है। जेलर की रोशनी जैसे ही घूमती है, दिल की धड़कन रुक सी जाती है। बहुत ही सस्पेंस से भरा हुआ पल था जो दर्शकों को पसंद आया।
डॉक्टर के पास जाकर कुछ वस्तुएं लेना और फिर उससे गुब्बारे बनाना बहुत ही अनोखा तरीका था। पानी भरकर उनका इस्तेमाल किसलिए करेंगी ये जानने की उत्सुकता बढ़ गई। ब्लेयर और उसकी सहेली की दोस्ती कमाल की है। एक मां का जेलब्रेक की कहानी में ऐसे मोड़ ही जान डालते हैं। जेल के अंदर संसाधनों की कमी में भी ये हार नहीं मान रहीं। हर छोटी चीज का इस्तेमाल आजादी के लिए हो रहा है। देखने में बहुत रोमांचक लग रहा है और निर्माण भी अच्छा है।
गार्ड के पेट्रोल का डर हर वक्त बना हुआ है। जब वो रोशनी लेकर चलता है तो लगता है अब सब खत्म। दोनों कैदी चुपचाप लेटी रहती हैं पर उनकी आंखें खुली हैं। एक मां का जेलब्रेक में ये डर का माहौल बहुत अच्छे से दिखाया गया है। रात का वक्त और सन्नाटा और ऊपर से गार्ड की आहट। कोई भी गलती जानलेवा हो सकती है। इनकी हिम्मत को सलाम है जो इतने खौफ के बीच भी योजना बना रही हैं। सस्पेंस बना हुआ है और देखने में मजा आ रहा है।
दोस्तियों का रिश्ता जेल में और भी मजबूत हो जाता है। एक दूसरे का सहारा बनकर ये दोनों आगे बढ़ रही हैं। ब्लेयर की परेशानी को उसकी सहेली समझ रही है। एक मां का जेलब्रेक में भावनात्मक पल भी बहुत गहराई से दिखाए गए हैं। जब वो बातें करती हैं तो लगता है बस यही भरोसा बचा है। जेल की दीवारें इन्हें तोड़ नहीं पा रही हैं। साथ मिलकर हर मुश्किल का सामना करना ही इनकी ताकत है। बहुत प्रेरणादायक लग रहा है और दिल को छूता है।
कुर्सी को तोड़कर कुछ बनाना और दीवार में छेद करने की कोशिश देखकर हैरानी हुई। ये लोग इतने संसाधनों में भी कैसे जुगाड़ कर लेते हैं। ब्लेयर की मेहनत साफ दिख रही थी। एक मां का जेलब्रेक की स्क्रिप्ट में ऐसे पल बहुत ध्यान से लिखे गए हैं। हर छोटी चीज से बड़ा हथियार बन रहा है। जेलर को भनक नहीं लगनी चाहिए वरना सब बर्बाद। धीरे धीरे सुरंग बन रही है और उम्मीद भी। देखने वालों के लिए रोमांच है और नया अनुभव है।
जब ब्लेयर रोती है तो दिल पर असर होता है। जेल की सजा सिर्फ शरीर को नहीं रुलाती। अंदर से टूट जाना सबसे बड़ा दर्द है। एक मां का जेलब्रेक में इन पलों को बहुत खूबसूरती से पिरोया गया है। उसकी सहेली उसे समझाती है और हिम्मत देती है। ये रिश्ता ही इनकी जान है। आजादी की चाहत इनकी आंखों में साफ झलकती है। हर एपिसोड में नया जुनून देखने को मिल रहा है। दर्शक भी इनके साथ खड़े हो जाते हैं और सहानुभूति रखते हैं।
नक्शा देखकर योजना बनाना दिखाता है कि ये कितनी गंभीर हैं। सिर्फ भागना नहीं बल्कि सही तरीके से निकलना चाहती हैं। ब्लेयर की आंखों में चमक देखकर लगता है जीतेंगी। एक मां का जेलब्रेक की कहानी में ये तैयारी वाला हिस्सा बहुत जरूरी है। बिना सोचे समझे कोई कदम नहीं उठा रही हैं। हर रास्ते का जायजा ले रही हैं। जेल के बाहर की दुनिया इनका इंतजार कर रही है। सस्पेंस और ड्रामा का सही मिश्रण है जो पसंद आ रहा है।
गार्ड के चले जाने के बाद राहत की सांस लेना बहुत ही असली लगता है। हर पल मौत को करीब से देखना आसान नहीं। ब्लेयर और उसकी साथी की सांसें थमी हुई थीं। एक मां का जेलब्रेक में ये तनाव बहुत अच्छे से कैद किया गया है। जब दरवाजा बंद होता है तो फिर से काम शुरू। रात भर जागकर मेहनत कर रही हैं। नींद हराम हो गई है पर आजादी का सपना जाग रहा है। बहुत ही दमदार सीन थे ये और याद रह जाएंगे।
पानी के गुब्बारे और चम्मच का इस्तेमाल करके दीवार तोड़ना बहुत अनोखा है। विज्ञान का इस्तेमाल जेल से निकलने में हो रहा है। ब्लेयर बहुत होशियार लग रही थी। एक मां का जेलब्रेक में ऐसे तरीके देखकर मजा आता है। साधारण चीजें भी काम आ सकती हैं ये साबित हो रहा है। जेलर की आंखों में धूल झोंकना आसान नहीं। पर इनकी लगन देखकर लगता है जरूर सफल होंगी। हर योजना अपना काम कर रही है और देखने में अच्छा लग रहा है।
पूरी कहानी देखने के बाद लगता है कि ये कथा दिल को छू लेती है। मां की ममता और आजादी की चाहत का संगम है। ब्लेयर का संघर्ष बहुत प्रेरणादायक है। एक मां का जेलब्रेक को एक बार जरूर देखना चाहिए। हर भाग में नया मोड़ आता है। जेल की जीवन शैली को बहुत बारीकी से दिखाया गया है। दर्शक भी इनके साथ जुड़ जाते हैं। अंत कैसे होगा ये जानने की बेचनी बढ़ रही है। बहुत ही शानदार निर्माण है और लाजवाब है।
इस एपिसोड की समीक्षा
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