अन्ना ने बालों में छुपाने की कोशिश की पर असली खेल ऊपर चल रहा था। जब वह चमड़े का जैकेट वाला अधिकारी कुर्सी पर चढ़ा तब सबको हैरानी हुई। एक मा का जेलब्रेक का यह दृश्य दिल की धड़कन तेज कर देता है। पहरेदारों की नज़र चुकानी आसान नहीं होती, हिम्मत देख कर दांत में उंगली आ जाती है।
नारंगी वर्दी पहने कैदियों की बेचैनी साफ़ दिख रही थी। दीवारों पर लिखे अक्षर और ठंडी रोशनी ने माहौल को भारी बना दिया। एक मा का जेलब्रेक में ऐसे रहस्यमयी पल बार-बार देखने को मिलते हैं। जब उसने ऊपर हाथ बढ़ाया तो लगा अब पकड़े जाएंगे। क्या वह बच पाएंगी?
चमड़े का जैकेट पहने शख़्स की आंखों में शक साफ़ झलक रहा था। उसने हर कोने को अच्छे से जांचा। अन्ना का चेहरा देख कर लग रहा था कि वह कुछ छुपा रही है। एक मा का जेलब्रेक की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण है। पहरेदारों के साथ मिल कर उसने तलाशी ली जो काफी तीखा था।
सबको लगा चम्मच बालों में है पर वह तो ऊपर ग्रिल पर छिपा था। यह दिमाग का खेल देख कर हैरानी हुई। एक मा का जेलब्रेक के निर्माताओं ने बहुत बढ़िया योजना बनाई है। जब वह कुर्सी पर चढ़ा और उसने चम्मच निकाला, तब समझ आया कि खतरा अभी टला नहीं है।
नीली कमीज़ वाले पहरेदार हमेशा तैयार रहते हैं। उनके हाथ में डंडा देख कर डर लगता है। दो कैदियां बेचारी खड़ी थीं और उन्हें जांचा जा रहा था। एक मा का जेलब्रेक में सत्ता का रूप बहुत सख्त दिखाया गया है। क्या वह इन्हें बाहर जाने देंगे? यह सवाल हर पल उभर रहा है।
अन्ना की आंखों में डर नहीं बल्कि एक अलग ही चमक थी। उसने बिना बोले सब कुछ समझा दिया। एक मा का जेलब्रेक का यह किरदार बहुत मज़बूत है। जब उसने बालों को ठीक किया तो लगा शायद वहां कुछ है। पर असली चाल तो कहीं और थी जो बाद में पता चला। बहुत बढ़िया अभिनय था।
कमरे की ठंडक और रोशनी ने एक अलग ही तनाव पैदा की थी। हर हरकत पर ध्यान दिया जा रहा था। एक मा का जेलब्रेक में ऐसे दृश्य दर्शक को बांध कर रखते हैं। जब वह ऊपर पहुंचा तो सांसें रुक सी गई थीं। क्या वह सफल होंगे या पकड़े जाएंगे? यह जानने की उत्सुकता बनी है।
पुरानी लकड़ी की कुर्सी पर चढ़ना आसान नहीं था। उस चमड़े का जैकेट वाले ने जोखिम लिया और ऊपर हाथ डाला। वहां छिपा हुआ चम्मच मिलना सबके लिए हैरानी थी। एक मा का जेलब्रेक की पटकथा में यह छोटी बात बहुत बड़ा असर डालती है। अब आगे क्या होगा यह देखना और भी दिलचस्प होगा।
नारंगी कपड़े पहने लोगों की ज़िंदगी आसान नहीं होती। उन्हें हर वक्त सावधान रहना पड़ता है। एक मा का जेलब्रेक में इनकी मजबूरी को बहुत अच्छे से दिखाया गया है। पहरेदारों की सख्ती के बीच भी वह उम्मीद नहीं छोड़ रही थी। यह जंग सिर्फ जेल से निकलने की नहीं बल्कि ज़िंदा रहने की है।
यह दृश्य खत्म हुआ पर दिल की धड़कन वही थी। आगे की कहानी क्या होगी यह जानने को मन कर रहा है। एक मा का जेलब्रेक ने अपने हर भाग में नया मोड़ दिया है। चम्मच का मिलना अभी शुरुआत है। असली खेल अभी बाकी है जो देखने लायक होगा। नेटशॉर्ट पर देखने का मज़ा अलग है।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम