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कथानक सार

Husband ne dhoka diya aur beti ko danger mein daal diya. Blair ko frame karke death sentence de di. Apni bachee ko bachane ke liye, Blair ke paas hain sirf 10 din. Jail ki designer Anna ke saath milkar, Blair ab karegi sabse bada jailbreak.
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इस एपिसोड की समीक्षा

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ब्लेयर का जज्बात

ब्लेयर का डर साफ दिख रहा था जब उसने वो चिट्ठी पढ़ी। जेल की दीवारें अब उसे रोक नहीं सकतीं। एक माँ का जेलब्रेक में माँ का जज्बात ही सबसे बड़ा हथियार है। रोस के लिए वो कुछ भी कर सकती है। ये सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। एम्बुलेंस का आना और फिर भागना, सब बहुत तेज था। आँखों में आँसू थे पर कदम नहीं रुके। हर पल जानलेवा था। बहुत पसंद आया।

अंधेरे में उम्मीद

जेल के अंधेरे रास्तों में टॉर्च की रोशनी ही उम्मीद थी। ब्लेयर ने हिम्मत नहीं हारी। एक माँ का जेलब्रेक की कहानी में हर मोड़ पर सस्पेंस बना रहता है। सिपाही को बेहोश देखकर लगा अब पकड़ी जाएगी। पर माँ की ताकत कुछ और ही होती है। बचने की जिद देखकर दिल दहल गया। बहुत बढ़िया एक्टिंग। लाइटिंग भी कमाल की थी। छायाओं का खेल देखने लायक था।

रोस की जिम्मेदारी

नोट में लिखा था रोस का ख्याल रखना। ये लाइन दिल को छू गई। एक माँ का जेलब्रेक सिर्फ भागने की कहानी नहीं, जिम्मेदारी की भी है। ब्लेयर की आँखों में आँसू और चेहरे पर गुस्सा। नेटशॉर्ट पर देखने का मज़ा ही अलग है। क्लाइमेक्स में दमकल कर्मी से मिलना नया मोड़ था। कहानी आगे बढ़ेगी। रास्ते में कई मुश्किलें आएंगी। माँ का प्यार ही ताकत है।

डरावना माहौल

ऑरेंज जंपसूट में ब्लेयर बहुत डटी हुई लग रही थी। हथियार उठाना आसान नहीं था। एक माँ का जेलब्रेक में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। धुएं वाले सीन में जो शांति थी वो डरावनी थी। कहानी आगे क्या होगी ये जानना जरूरी है। रात का वक्त और बारिश का माहौल जबरदस्त था। डर लग रहा था। साँसें अटक रही थीं। माहौल बहुत गहरा था।

तेज रफ्तार

सिपाही जब बेहोश पड़ा था तो ब्लेयर का कन्फ्यूजन साफ था। उसने मौका देखा और भाग गई। एक माँ का जेलब्रेक की रफ्तार बहुत तेज है। एक पल में जेल, अगले पल आज़ादी। ऐसे थ्रिलर कम ही देखने को मिलते हैं। बहुत पसंद आया। एक्टिंग में दम है। देखते रह गए। पलकें नहीं झपकीं। हर सीन में जान थी। ब्लेयर की काबिलियत देखकर हैरानी हुई।

एम्बुलेंस का आना

एम्बुलेंस की लाइट्स रात में चमक रही थीं। ब्लेयर के लिए वो राहत थी या नया खतरा। एक माँ का जेलब्रेक में डायरेक्शन बहुत अच्छी है। हर फ्रेम में तनाव बना रहता है। रोस का जिक्र आते ही कहानी में गहराई आ गई। माँ और बच्ची का रिश्ता ही असली वजह है। प्यार जीत गया। खून का रिश्ता निभाया। रात की ठंड में भी पसीना आ गया।

नई शुरुआत

ब्लेयर ने जब कपड़े बदले तो लगा अब वो नई शुरुआत करेगी। पर पुलिस अभी पीछे है। एक माँ का जेलब्रेक की हर कड़ी रोमांचक मोड़ पर खत्म होती है। दमकल कर्मी से बातचीत में घबराहट साफ दिखी। सस्पेंस बना रहेगा। अगला पार्ट कब आएगा। इंतज़ार नहीं हो रहा। जल्दी लाइए। कहानी में उलझन बढ़ेगी। ब्लेयर का साथ निभाएंगे।

साउंड डिजाइन

जेल के पाइप्स और सीलन भरी दीवारें माहौल बनाती हैं। ब्लेयर की साँसें तेज थीं। एक माँ का जेलब्रेक में साउंड डिजाइन भी कमाल का है। जब वो चिल्लाई तो दिल बैठ गया। ऐसे ड्रामा बार बार देखने को मिलते हैं। विजुअल्स बहुत दमदार हैं। आवाज़ें गूंज रही थीं। कानों में शोर था। डर का माहौल था। ब्लेयर की चीख सुनकर रूह कांप गई।

किरदार का राज़

दूसरी कैदी का सिगरेट पीना और शांत होना अजीब था। शायद वो भी भागने वाली थी। एक माँ का जेलब्रेक में हर किरदार का राज़ है। ब्लेयर की जंग अभी खत्म नहीं हुई। बाहर दुनिया भी खतरनाक है। कहानी में कई ट्विस्ट हैं। सब हैरान रह गए। कोई भरोसा नहीं। धोखा मिल सकता है। ब्लेयर अकेली पड़ गई है। रास्ता कठिन है।

खतरा टला नहीं

आखिर में सिपाही का आना और बेहोश शख्स को देखना। सब कुछ गड़बड़ लग रहा था। एक माँ का जेलब्रेक ने उम्मीदें पार कर दीं। ब्लेयर की हिम्मत को सलाम। ये सीरीज मिस नहीं करनी चाहिए। बहुत ही रोमांचक सफर है। दिल धड़क रहा था। जोर से धड़कन थी। साँसें थम गई थीं। ब्लेयर बच गई। पर खतरा टला नहीं। आगे क्या होगा।