नेहा और अंजलि के बीच की खामोशी इतनी भारी है कि सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। जब नेहा ने ऑनलाइन डेटिंग का जिक्र किया, तो अंजलि की आँखों में जो डर था, वो साफ़ दिख रहा था। लगता है आरव का नाम सुनते ही सब कुछ बदल गया। (डब्ड) दिल से दिल तक में ऐसे सीन्स दिल तोड़ देते हैं।
नेहा का कहना कि वो आरव से नफरत करती है, बिल्कुल झूठ लगता है। उसकी आवाज़ में जो कंपन था, वो किसी नफरत का नहीं, बल्कि छुपे हुए प्यार का था। अंजलि ने सही पकड़ा, जब पूछा कि क्या अभी भी फीलिंग्स हैं। (डब्ड) दिल से दिल तक का ये ट्विस्ट कमाल का है।
नेहा ने बताया कि वो और आरव एक एनोनिमस सोशल मीडिया ऐप पर मिले थे। ये कितना रोमांटिक है कि बिना चेहरे देखे, सिर्फ दिल की बातें करके प्यार हो गया। लेकिन असलियत सामने आने पर सब कुछ बिखर सकता है। (डब्ड) दिल से दिल तक में ये कॉन्सेप्ट बहुत यूनिक है।
अंजलि ने जब नेहा से कहा कि तुम ये नहीं समझोगी, तो उसकी आँखों में एक गहरा दर्द था। शायद वो खुद भी किसी उलझन में है। अस्पताल के लंबे कॉरिडोर में खड़ी दोनों महिलाएं, जैसे दो अलग दुनिया की कहानियां। (डब्ड) दिल से दिल तक का हर सीन इमोशनल है।
बुजुर्ग महिला ने सही कहा, प्यार में ऑनलाइन या ऑफलाइन का फर्क नहीं पड़ता। लेकिन नेहा और अंजलि के बीच की दूरी बताती है कि समाज और हालात कितना असर डालते हैं। (डब्ड) दिल से दिल तक ने इस मुद्दे को बहुत खूबसूरती से उठाया है।
नेहा जब अस्पताल के कॉरिडोर में अकेली खड़ी थी, तो लगा जैसे वो पूरी दुनिया से कट गई हो। उसकी आँखों में सवाल थे, जवाब नहीं। क्या वो आरव को सच में पसंद करती है? ये सवाल उसे खाए जा रहा था। (डब्ड) दिल से दिल तक में नेहा का किरदार बहुत गहरा है।
अंजलि ने नेहा से कहा कि अगर प्रॉब्लम्स इरादों से बड़ी हैं, तो ये सच्चा प्यार नहीं है। ये बात सुनकर नेहा का चेहरा पीला पड़ गया। क्या अंजलि नेहा को डरा रही है या सच बता रही है? (डब्ड) दिल से दिल तक में ये डायलॉग बहुत भारी था।
आरव का नाम सुनते ही नेहा और अंजलि दोनों के चेहरे बदल गए। लगता है वो तीनों के बीच कुछ ऐसा हुआ है, जिसने सब कुछ बदल दिया। (डब्ड) दिल से दिल तक में आरव का किरदार अभी तक सामने नहीं आया, लेकिन उसका असर हर जगह है।
अस्पताल के सफेद दीवारों के बीच इतने गहरे इमोशन्स देखकर हैरानी होती है। नेहा और अंजलि की बातचीत में जो तनाव था, वो किसी थ्रिलर से कम नहीं था। (डब्ड) दिल से दिल तक ने साधारण जगह को भी ड्रामेटिक बना दिया।
नेहा ने अंत में कहा कि उसे चलना चाहिए। ये उसकी हार थी या जीत? शायद वो अभी खुद भी नहीं जानती कि उसे क्या चाहिए। लेकिन एक बात साफ़ है, आरव के बिना उसकी जिंदगी अधूरी है। (डब्ड) दिल से दिल तक का ये एपिसोड बहुत इमोशनल था।
इस एपिसोड की समीक्षा
नवीनतम