जब आदित्य ने बैट छीनी और बदले में पैसे दिए, तो लगा कहानी पलट गई। स्कूल का शेर आदित्य ने साबित किया कि ताकत मुट्ठियों में नहीं, इरादों में होती है। वो लड़का जो डरा हुआ था, अब आँखों में आग लिए खड़ा है। ये सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए।
एस्ट्रोनॉट की ड्राइंग और वो खत... आदित्य के सपने कितने बड़े हैं और हकीकत कितनी कड़वी। स्कूल का शेर आदित्य की ये कहानी हर उस बच्चे की है जिसे दुनिया ने नीचा दिखाया। नेटशॉर्ट ऐप पर मिली ये सीरीज मेरी फेवरेट बन चुकी है, बिल्कुल रियल लगता है सब।
वो लड़का जो बैट लेकर आया था, उसकी आँखों में डर और फिर आदित्य के सामने झुक जाना। स्कूल का शेर आदित्य ने बिना एक शब्द कहे सबको सबक सिखा दिया। क्लासरूम का वो माहौल और टेंशन कमाल की थी। ऐसे ड्रामे ही तो असली जीवन जैसे लगते हैं।
आदित्य की खामोशी सबसे बड़ी चीख थी। जब सब उसे घेरकर फोटो खींच रहे थे, तब भी वो टूटा नहीं। स्कूल का शेर आदित्य की ये चुप्पी मुझे सबसे ज्यादा चुभ गई। नेटशॉर्ट पर ऐसे किरदार देखकर लगता है कि कहानीकारों ने मेहनत की है।
बुलीज़ से पैसे वापस लेना और उन्हें वापस करना, ये आदित्य का अंदाज था अपनों को शर्मिंदा करने का। स्कूल का शेर आदित्य ने दिखाया कि इज्जत खरीदी नहीं जा सकती। वो लड़का जो पैसे गिन रहा था, उसका चेहरा देखने लायक था।