इस एपिसोड में आदित्य का रिएक्शन सबसे ज्यादा दिलचस्प है। वह सब कुछ देख रहा है लेकिन बोल नहीं रहा। शायद उसे पता है कि अगर वह बोला तो स्थिति और बिगड़ जाएगी। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे मोमेंट्स ही तो दर्शकों को बांधे रखते हैं। हर फ्रेम में एक नया सवाल खड़ा हो जाता है।
जब छात्रा की आंखों में आंसू आते हैं तो दिल दहल जाता है। उसकी मासूमियत और बेचारापन साफ झलक रहा है। अध्यापिका का व्यवहार थोड़ा सख्त लग रहा है, शायद उसके पीछे कोई बड़ी वजह हो। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे इमोशनल सीन्स देखकर रोना आ जाता है।
यह क्लासरूम किसी क्लासरूम जैसा नहीं लग रहा, बल्कि एक कोर्ट रूम जैसा लग रहा है जहां फैसला सुनाया जा रहा है। नीली पर्दे और हरी चॉकबोर्ड के बीच यह ड्रामा और भी तनावपूर्ण लग रहा है। स्कूल का शेर आदित्य का यह सीन दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर हुआ क्या है।
अध्यापिका का अहंकार साफ झलक रहा है। वह छात्रा को नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है। उसकी आवाज और हावभाव से लगता है कि वह अपनी पावर का इस्तेमाल कर रही है। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। क्या आदित्य चुप रहेगा या बोलेगा?
दर्शक अब बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि आदित्य कब बोलेगा। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक है जो बता रही है कि वह कुछ प्लान कर रहा है। स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे ट्विस्ट्स ही तो शो को हिट बनाते हैं। उम्मीद है कि अगले एपिसोड में वह छात्रा के लिए आवाज उठाएगा।