क्लासरूम का वह सीन जहाँ टीचर आई और सब चुप हो गए, लेकिन आदित्य की नज़रें कुछ और ही कहानी कह रही थीं। वह जानता था कि कुछ बड़ा होने वाला है। छात्रों के बीच की खामोशी और आदित्य का वह घूरना दिल दहला देने वाला था। स्कूल का शेर आदित्य की पावर क्लास में भी साफ झलकती है।
अस्पताल के बिस्तर पर पड़े लड़के के पास फीस का नोटिस और आदित्य के हाथ में नोटों का गड्डा। यह सिर्फ पैसे नहीं, यह पावर का प्रदर्शन है। आदित्य जानता है कि पैसा सब कुछ खरीद सकता है, यहाँ तक कि खामोशी भी। स्कूल का शेर आदित्य का यह अंदाज सच में डरावना है।
वह लड़का छत से क्यों गिरा? क्या यह हादसा था या आदित्य की साजिश? वीडियो में आदित्य की मुस्कान और फिर अस्पताल में उसका व्यवहार सब कुछ संदेह के घेरे में ला खड़ा करता है। स्कूल का शेर आदित्य के चारों ओर रहस्यों का जाल बुना हुआ है।
टीचर क्लास में आई, सब खड़े हुए, लेकिन आदित्य की आँखों में एक अलग ही चमक थी। टीचर ने कुछ नहीं कहा, बस एक मुस्कान दी। क्या वह भी इस खेल का हिस्सा है? स्कूल का शेर आदित्य के सामने सब बेबस लग रहे हैं।
आदित्य का लीडरशिप स्टाइल डरावना है। वह बिना कुछ बोले सब कुछ करवा लेता है। उसके दोस्त उसके इशारे पर नाचते हैं। स्कूल का शेर आदित्य की ताकत सिर्फ उसके पैसे में नहीं, उसके व्यक्तित्व में है।