रात वाले सीन में आदित्य ने जो फाइटिंग की, वो किसी एक्शन मूवी से कम नहीं थी। एक के बाद एक दुश्मनों को पटकना और फिर उस जंगली हंसी के साथ खड़ा होना, ये सीन दर्शकों को बांधे रखता है। खासकर जब वो जमीन पर पड़े लड़के को पकड़कर धमकाता है, तो लगता है कि आदित्य अब रुकने वाला नहीं है। स्कूल का शेर आदित्य ने एक्शन के मामले में बहुत उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
जब आदित्य क्लासरूम में वापस आता है और अपने दोस्तों के साथ मस्ती करता है, तो सवाल उठता है कि क्या रात वाली लड़ाई सच थी या फिर ये सब उसका कोई प्लान था? उसका फोन चेक करना और फिर मुस्कुराना ये साबित करता है कि वो सब कुछ सोच-समझकर कर रहा है। स्कूल का शेर आदित्य की कहानी में ये ट्विस्ट बहुत ही दमदार है। लगता है आदित्य सिर्फ लड़ने के लिए नहीं, बल्कि कुछ बड़ा हासिल करने के लिए ये सब कर रहा है।
क्लासरूम में आदित्य का व्यवहार देखकर लगता है कि उसे अपनी ताकत पर बहुत घमंड हो गया है। वो अपने ही दोस्तों को धक्का देता है और सबके सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन करता है। ये अहंकार शायद उसके पतन का कारण बनेगा। स्कूल का शेर आदित्य में ये दिखाया गया है कि कैसे पावर हेड हो जाती है। आदित्य की ये स्माइल और अकड़ बता रही है कि अब वो कंट्रोल से बाहर हो सकता है।
आदित्य और उसके दोस्तों के बीच का रिश्ता अब कन्फ्यूजिंग हो गया है। एक तरफ वो रात को अकेले लड़ता है और दूसरी तरफ क्लासरूम में अपने दोस्तों के साथ मस्ती करता है। लेकिन जब वो बाहर जाता है और फिर से लड़ाई में फंस जाता है, तो लगता है कि उसकी ये दुनिया कभी शांत नहीं होगी। स्कूल का शेर आदित्य में ये रिश्ते बहुत जटिल होते जा रहे हैं। क्या उसके दोस्त उसका साथ देंगे या फिर वो भी उसके खिलाफ हो जाएंगे?
रात के सीन्स में जो नीली और हरी लाइटिंग का इस्तेमाल किया गया है, वो माहौल को बहुत ही डरावना और रहस्यमयी बना देती है। आदित्य का चेहरा जब उस लाइट में चमकता है, तो वो और भी खतरनाक लगता है। वहीं, दिन के सीन्स में ब्राइट लाइटिंग उसकी नॉर्मल लाइफ को दिखाती है। स्कूल का शेर आदित्य की विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत ही शानदार है। कैमरा एंगल्स ने हर इमोशन को परफेक्टली कैप्चर किया है।