वह सूट में इतना शांत बैठा था, जैसे दुनिया का बोझ उसके कंधों पर हो। जब वह उठा और चला गया, तो लगा जैसे किसी ने दिल से कुछ छीन लिया हो। वह गई, बर्फ़ गिरी, और वह सब देखता रहा।
दो लड़कियां, एक ही लड़का। कौन सच्चा है? जब चाकू निकला, तो सब कुछ धुंधला हो गया। वह गई, बर्फ़ गिरी, और दोस्ती का मुखौटा गिर गया। अब कौन बचेगा? यह सवाल दिल को काट रहा है।
बारिश में वह गिर गई, और उसका हाथ छूट गया। वह भागा, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। वह गई, बर्फ़ गिरी, और प्यार की कहानी अधूरी रह गई। यह दृश्य आँखों में आंसू ला देता है।
उसकी आँखें सब कुछ कह रही थीं, जबकि होंठ चुप थे। वह गई, बर्फ़ गिरी, और उसकी आँखों में एक तूफान छिप गया। कभी-कभी खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचाती है।
लाल पोशाक खुशी का प्रतीक है, लेकिन यहाँ यह दर्द का रंग बन गई। वह गई, बर्फ़ गिरी, और उस लाल रंग में आंसू छिप गए। यह विरोधाभास दिल को झकझोर देता है।