वह चाबी सिर्फ़ एक ऑब्जेक्ट नहीं, बल्कि एक भावनात्मक बम थी। जब उसने उसे हाथ में लिया, तो लग रहा था जैसे कोई पुराना ज़ख्म फिर से खुल गया हो। वह गई, बर्फ़ गिरी के बाद की तरह, सब कुछ जम गया था, लेकिन दिल अभी भी धड़क रहा था।
जब उसने फ़ोन दिखाया, तो सब कुछ बदल गया। वह तस्वीर... वह दर्द... वह गई, बर्फ़ गिरी के बाद की तरह, सब कुछ धुंधला हो गया। लड़की की आँखों में आँसू नहीं, बल्कि एक सवाल था – 'क्यों?'
वह ज़मीन पर लेटा था, बिना कमीज़ के, जैसे कोई टूटा हुआ खिलौना। वह गई, बर्फ़ गिरी के बाद की तरह, सब कुछ ठंडा हो गया था। उसकी साँसें भारी थीं, जैसे कोई बोझ उठा रहा हो। यह दृश्य दिल को छू गया।
उन दोनों के बीच की खामोशी सबसे ज़्यादा शोर मचा रही थी। वह गई, बर्फ़ गिरी के बाद की तरह, सब कुछ जम गया था। एक शब्द नहीं, बस नज़रें बात कर रही थीं। यह दृश्य इतना तीव्र था कि साँस रुक गई।
उसकी जैकेट पर लगी ड्रैगनफ़्लाई पिन सिर्फ़ एक एक्सेसरी नहीं थी। वह गई, बर्फ़ गिरी के बाद की तरह, वह पिन एक उम्मीद की किरण थी। शायद वह उड़ना चाहता था, लेकिन ज़मीन पर गिर गया था।