शादी के इस भव्य मंडप में भी परिवार के सदस्यों के बीच जो तनाव है, वह साफ़ महसूस किया जा सकता है। भूरे सूट वाले व्यक्ति और बैंगनी पोशाक वाली महिला की चुप्पी में एक गहरा संघर्ष छिपा है। वह गई, बर्फ़ गिरी जैसे माहौल में सब कुछ स्थिर लग रहा है, पर आँखें सब कुछ बयां कर रही हैं।
काली चमकदार पोशाक पहनी महिला की उपस्थिति इस पूरे दृश्य में एक अजीब सी छाया डाल रही है। उसकी गंभीर मुद्रा और तीखी नज़रें बताती हैं कि वह किसी बड़े रहस्य को जानती है। वह गई, बर्फ़ गिरी की तरह अचानक आए इस मोड़ ने सबकी सांसें रोक दी हैं।
बूढ़ी दादी का चेहरा देखकर लगता है कि वह अपने पोते की शादी पर खुश हैं, पर उनकी आँखों में एक अजीब सी चिंता भी है। जब वह दुल्हन से मिलती हैं, तो वह गई, बर्फ़ गिरी की तरह एक ठंडी हवा सी चलती है, जो आने वाले तूफान का संकेत देती है।
ग्रे सूट वाले दूल्हे का चेहरा देखकर लगता है कि वह इस शादी को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। उनकी नज़रें बार-बार उस काली पोशाक वाली महिला पर टिकी हैं, जो बताती है कि उनके बीच कुछ अनकहा है। वह गई, बर्फ़ गिरी की तरह यह दृश्य दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है।
यह शादी का मंडप कम और किसी युद्ध का मैदान ज्यादा लग रहा है। हर किसी के चेहरे पर तनाव, आँखों में संदेह और होठों पर झूठी मुस्कान है। वह गई, बर्फ़ गिरी की तरह यह माहौल इतना ठंडा है कि लगता है कोई भी पल फट सकता है।