वह युवक जो हरे रंग के कपड़े पहने है, उसकी चीखें सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। वह बार-बार जमीन पर सिर टेक रहा है, जैसे कोई बड़ा गुनाह कर बैठा हो। नकली बीवी, असली राजकुमार में इस किरदार की पीड़ा सबसे ज्यादा दिल को छू लेती है। वह जानता है कि उसकी जान खतरे में है, लेकिन वह हार नहीं मान रहा।
वह छोटा बच्चा जो रानी के पास खड़ा है, उसकी आंखों में डर और हैरानी दोनों है। वह समझ नहीं पा रहा कि क्या हो रहा है। नकली बीवी, असली राजकुमार में इस बच्चे का किरदार सबसे ज्यादा मासूम लगता है। वह सब कुछ देख रहा है, लेकिन कुछ नहीं कह सकता। शायद वह भविष्य का राजा है, लेकिन अभी तो वह बस एक डरा हुआ बच्चा है।
जब सब कुछ थम जाता है और सिर्फ सांसों की आवाज आती है, तो लगता है जैसे मौत आ गई हो। नकली बीवी, असली राजकुमार के इस दृश्य में खामोशी सबसे ज्यादा डरावनी लगती है। कोई नहीं बोल रहा, कोई नहीं हिल रहा। बस तलवार की चमक और आंखों का डर है। यह खामोशी तूफान से पहले की शांति जैसी है।
राजा जब मुंह खोलेंगे, तो पूरा दरबार कांप उठेगा। उनकी एक बात किसी की जान ले सकती है या किसी को बचा सकती है। नकली बीवी, असली राजकुमार में राजा का फैसला सबसे ज्यादा अहम है। वह न्याय करेंगे या बदला? यह सवाल सबके दिमाग में घूम रहा है। उनकी आंखों में एक अजीब सी चमक है जो सब कुछ बदल सकती है।
इस दृश्य में इतना तनाव, इतना दर्द और इतना नाटक है कि लगता है जैसे मैं खुद वहां खड़ा हूं। नकली बीवी, असली राजकुमार की कहानी में यह सबसे यादगार पल है। जब वह दो व्यक्ति घुटनों पर गिरते हैं और रानी की आंखों में आंसू आते हैं, तो लगता है जैसे दिल टूट गया हो। यह दृश्य कभी नहीं भूलूंगा।