उसने हरे रंग का वस्त्र पहना था जिस पर सोने के अंगूर बने थे। जब वह गड्ढे के पास बैठा तो उसकी आँखें फैल गईं—जैसे कुछ अविश्वसनीय देख रहा हो। मेरा निकम्मा पति है देवता में यह किरदार इतना भावुक है कि लगता है वह खुद देवताओं से डर रहा है। उसकी गर्दन में नीला रत्न और माथे पर सुनहरी पट्टी बताती है कि वह कोई राजकुमार है।
सोने के कवच पहने सैनिक खड़े थे पर कोई हिला नहीं। जैसे सब कुछ थम गया हो। मेरा निकम्मा पति है देवता में यह दृश्य इतना तनावपूर्ण है कि लगता है साँस लेना भी मुश्किल हो गया है। जब एक सैनिक ने घायल रानी को उठाया तो उसकी बाहों में कंपन था—क्या वह भी डर रहा था? या फिर देवताओं की शक्ति से काँप रहा था?
जब वह बिस्तर पर लेटी थी तो उसकी आँखों से आँसू बह रहे थे। पर वह आँसू नहीं थे—जैसे कोई सुनहरी धारा हो। मेरा निकम्मा पति है देवता में यह दृश्य इतना भावुक है कि लगता है देवताओं ने खुद उसे छू लिया है। उसकी साँसें धीमी थीं पर छाती पर चमकती रोशनी बताती थी कि वह अभी ज़िंदा है।
वह गड्ढा इतना गहरा था कि लगता था जैसे धरती ने खुद मुँह खोल लिया हो। मेरा निकम्मा पति है देवता में यह दृश्य देखकर लगा कि शायद यह कोई देवताओं का द्वार है। जब उसमें से रोशनी निकली तो सबकी आँखें फैल गईं। क्या वह रोशनी जीवन थी? या फिर मृत्यु का संकेत?
वह ज़मीन पर गिरी थी, कपड़े फटे, शरीर पर मिट्टी और खून। फिर अचानक उसकी छाती से रोशनी निकली—जैसे कोई दीया जल उठा हो। मेरा निकम्मा पति है देवता में यह दृश्य देखकर रूँगटे खड़े हो गए। क्या वह मर चुकी थी? या फिर देवताओं ने उसे फिर से जीवन दिया? उसकी साँसें धीमी थीं पर आँखों में एक नई चमक थी।
उसके सिर पर सूरज का ताज था पर आँखें लाल थीं—जैसे खून से भरी रात। जब वह बोला तो हवा थम गई। मेरा निकम्मा पति है देवता में यह किरदार इतना शक्तिशाली है कि लगता है वह स्क्रीन से बाहर आकर सब कुछ जला देगा। उसकी बाहों पर पंखों जैसे कवच और छाती पर चमकता रत्न देखकर लगता है कि वह स्वयं युद्ध का देवता है।
उसके सिर पर सूरज का ताज था और आँखें लाल थीं—जैसे खून से भरी रात। जब वह बोला तो हवा थम गई। मेरा निकम्मा पति है देवता में यह किरदार इतना शक्तिशाली है कि लगता है वह स्क्रीन से बाहर आकर सब कुछ जला देगा। उसकी बाहों पर पंखों जैसे कवच और छाती पर चमकता रत्न बताती है कि वह स्वयं युद्ध का देवता है।
उसकी कलाई पर सोने की चूड़ियाँ थीं जो हर हिलने पर चमकती थीं। मेरा निकम्मा पति है देवता में यह विवरण इतना खूबसूरत है कि लगता है देवताओं ने खुद उसे सजाया है। जब वह बोली तो उसकी आवाज़ में एक अजीब सी मिठास थी—जैसे कोई देवी बोल रही हो। उसकी आँखों में नीलापन था जो दिल को छू गया।
जब वह अंधेरे गड्ढे से निकली तो लगा जैसे सूरज ने खुद धरती को छू लिया हो। उसकी आँखों में दर्द था पर चेहरे पर एक अजीब सी चमक। मेरा निकम्मा पति है देवता में ऐसे दृश्य देखकर लगता है कि देवताओं की दुनिया अभी भी हमारे बीच ज़िंदा है। उसका सफ़ेद वस्त्र और सोने की चूड़ियाँ बताती हैं कि वह कोई साधारण नारी नहीं।
गड्ढे से निकली रोशनी सीधी आसमान की ओर गई—जैसे सूरज ने खुद धरती को छू लिया हो। मेरा निकम्मा पति है देवता में यह दृश्य देखकर लगा कि शायद देवताओं ने कोई चमत्कार किया है। उस रोशनी में कुछ ऐसा था जो दिल को छू गया। क्या वह रोशनी जीवन थी? या फिर मृत्यु का संकेत?


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