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सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथावां9एपिसोड

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सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा

एक सेनापति का अवैध पुत्र केवल शांत और समृद्ध जीवन चाहता था, पर उसकी असाधारण प्रतिभा उसे राजसत्ता के घमासान में धकेल देती है। राजकुमार उसके प्राणों का शत्रु बन जाता है और विभिन्न राज्य उसे घेर लेते हैं। जब चारों ओर शत्रु हों, वह निडर होकर संपूर्ण साम्राज्य पर अधिकार का संकल्प लेता है—और यहीं से उसकी अद्भुत उन्नति आरंभ होती है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

प्रेम की शुरुआत

जब उसने धीरे से घूंघट उठाया तो सब कुछ रुक गया। आंखों में वो नमी और प्यार साफ दिख रहा था। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा में ऐसे पल ही तो जादू करते हैं। फूलों के बीच बैठकर बातें करना कितना रोमांटिक लग रहा है। मुझे ये जोड़ा बहुत पसंद आया।

भागने का रोमांच

लाइब्रेरी से भागते हुए दोनों का नज़ारा कमाल का था। पीछे भीड़ और आगे आज़ादी। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा की कहानी में ये मोड़ बहुत जरूरी था। काले कपड़ों वाले लड़के की हिम्मत देखकर दांतों तले उंगली दबानी पड़ी। सस्पेंस बना हुआ है।

घूंघट का राज़

पीला लिबास और सफेद घूंघट। चेहरा छुपाकर भी वो सबसे खूबसूरत लग रही थी। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा में महिला किरदार की मजबूती दिखती है। जब पर्दा हटा तो असली खूबसूरती सामने आई। मेकअप और गहने बहुत ही शानदार हैं।

बुजुर्ग की दहाड़

वो बूढ़ा आदमी जब चलता है ना, तो लगता है पूरा राज्य उसकी मुट्ठी में है। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा में सत्ता का संतुलन बहुत दिलचस्प है। उसकी आंखों में चालाकी और चेहरे पर मुस्कान। लगता है आगे बड़ा खेल होने वाला है।

तोते की गवाही

सफेद तोता भी उनकी बातें सुन रहा था। जानवरों का इस्तेमाल सीन को और प्यारा बना रहा है। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा में छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखा गया है। पिंजरे में बंद पक्षी और आज़ाद प्रेमियों का विरोधाभास बहुत गहरा है।

तलवार वाली महिला

काले कपड़ों वाली महिला हाथ में तलवार लिए खड़ी थी। उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा में हर किरदार का अपना वजन है। क्या वो भी उस लड़के को पसंद करती है। ये त्रिकोण प्रेम हो सकता है।

पंखे वाला शख्स

नीले कपड़ों वाले दोस्त के हाथ में पंखा था और चेहरे पर अजीब सी मुस्कान। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा में खलनायक कौन होगा ये समझना मुश्किल है। उसकी बातें सुनकर लग रहा है वो कुछ साजिश रच रहा है। सावधान रहना होगा।

सेट की सजावट

लकड़ी की नक्काशी और पुराने जमाने के घर। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा की निर्माण गुणवत्ता बहुत उच्च है। हर कोने में इतिहास झलकता है। फूलों वाला मंडप तो जैसे सपनों जैसा लग रहा था। दृश्य रूप से बहुत सुकून मिलता है।

कहानी का मोड़

शुरू में तनाव और फिर भागना। फिर शांत पल। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा की रफ्तार बहुत संतुलित है। दर्शक बोर नहीं होते। हर सीन के बाद नया सवाल खड़ा हो जाता है। अगला एपिसोड कब आएगा इसका इंतज़ार है।

कुल मिलाकर शानदार

अभिनय, पोशाक और संगीत सब कुछ उत्कृष्ट है। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा ने मेरे दिल पर राज कर लिया है। ऐसे ही और सीन देखने को मिलें ये उम्मीद है। ऐप पर वीडियो देखने का अनुभव भी बहुत अच्छा रहा।