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इस श्रृंखला की पोशाकें बहुत ही सुंदर हैं। हर किरदार के कपड़े अलग और रंगीन हैं। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा की कला निर्देशन बहुत अच्छा है। मयंक मेहता का नीला परिधान और पंकज पांडेय का सफेद वस्त्र आंखों को भाते हैं। सेट भी बहुत विस्तृत लगता है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे शो देखना सुखद अनुभव है।
कहानी में तनाव धीरे-धीरे बढ़ता है। पहले बातचीत होती है, फिर गुस्सा और अंत में मारपीट। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा की कहानी कहने का तरीका अच्छा है। जगदीश वर्मा के आने के बाद माहौल बदल गया। छात्रों की भीड़ भी अच्छी लगती है। यह विद्यालय का दृश्य बहुत जीवंत है। मुझे यह शैली पसंद है।
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कुल मिलाकर, यह एपिसोड बहुत रोमांचक था। हास्य, नाटक और एक्शन सब कुछ है। सिंहासन का संकल्प: एक पुरुषार्थ की गाथा एक अच्छी श्रृंखला साबित हो रही है। मयंक मेहता और पंकज पांडेय के बीच की दुश्मनी आगे बढ़ेगी। जगदीश वर्मा क्या फैसला लेंगे? यह जानने के लिए मैं इंतजार नहीं कर सकता। बहुत बढ़िया काम।