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वह सब हार गई

सुमित्रा वर्मा को नहीं पता था कि उनके बेटे की मंगेतर उनकी ही संपत्ति के लिए जाल बुन रही है। गाँव से लौटते ही उन्होंने बेटी गीता के लिए शहर का रास्ता पकड़ा। सामने थी बेटे की शादी, और दिल में थी बहू के लिए करोड़ों के उपहार चुनने की खुशी। लेकिन जिस दुकान में वह भावी बहू के लिए गहने देखने जा रही थीं, वहाँ लीला अपने भाई के साथ उसी वक्त उनके ही भरोसे का गला घोंटने की ताक में बैठी थी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

बूढ़ी माँ का गुस्सा देखकर डर लग रहा है

इस दृश्य में हरी कार्डिगन वाली माँ का रवैया सच में चौंकाने वाला है। जब उस लड़की ने तमाचा मारा, तो माँ ने बिल्कुल भी डर नहीं दिखाया। उल्टा उसने इतनी शांति से जवाब दिया कि सामने वाले की हिम्मत टूट गई। वह सब हार गई कहानी में यह पल सबसे बेहतरीन है जहाँ कमजोर दिखने वाली माँ असल में सबसे ताकतवर निकली। चेहरे के हावभाव और आँखों का खेल देखने लायक है।

भूरे जैकेट वाले लड़के की हरकतें

यह लड़का जो भूरे रंग का जैकेट पहने है, इसकी एक्टिंग थोड़ी ओवरएक्टिंग लग रही है। वह बार-बार चिल्ला रहा है और गुस्सा दिखा रहा है, लेकिन असल में वह कुछ भी नहीं कर पा रहा है। जब माँ ने उसे रोका, तो उसका चेहरा देखने लायक था। वह सब हार गई ड्रामा में ऐसे किरदार अक्सर होते हैं जो शोर मचाते हैं लेकिन अंत में चुप हो जाते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे किरदारों को देखना मजेदार लगता है।

व्हीलचेयर वाली लड़की की चुप्पी

पूरे झगड़े के दौरान व्हीलचेयर पर बैठी लड़की बिल्कुल शांत रही। उसने एक शब्द भी नहीं बोला, बस सब कुछ देखती रही। यह चुप्पी शोर से ज्यादा असरदार थी। लगता है वह सब हार गई कहानी में वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है या फिर वह सब जानती है। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी जो बता रही थी कि असली खेल अभी शुरू हुआ है। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन बहुत पसंद आते हैं।

फोन कॉल का सस्पेंस

अंत में जब उस लड़की को फोन आया और स्क्रीन पर वह आदमी दिखा, तो माहौल एकदम बदल गया। उसका चेहरा पीला पड़ गया और वह कांपने लगी। वह सब हार गई सीरीज में यह ट्विस्ट बहुत अच्छा लगा। लगता है वह फोन करने वाला आदमी कोई मामूली इंसान नहीं है। शायद वह उसका बॉस है या कोई ऐसा व्यक्ति जिससे वह बहुत डरती है। यह सस्पेंस बनाए रखना नेटशॉर्ट की खासियत है।

काले सूट वाले गुंडों का रोल

पीछे खड़े काले सूट वाले लोग बस खड़े होकर देख रहे थे। वे गुंडे लग रहे थे लेकिन जब माँ ने एक्शन लिया तो वे हिले भी नहीं। यह दिखाता है कि वह सब हार गई कहानी में असली पावर किसके पास है। वे लोग सिर्फ भीड़ बढ़ाने के लिए थे। जब असली ताकत सामने आई तो उनकी सारी हिम्मत गायब हो गई। ऐसे सीन देखकर लगता है कि पैसा सब कुछ नहीं खरीद सकता। नेटशॉर्ट ऐप पर यह ड्रामा देखना अच्छा लगा।

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