इस श्रृंखला की शुरुआत ही इतनी तनावपूर्ण है कि सांस रुक जाए। जब वह लड़का बिस्तर पर बैठा था और सामने खड़ा आदमी धमकी दे रहा था, तब लगा कि अब क्या होगा। फिर सुबह का दृश्य आया जहां वह महिला उसके करीब आई। क्या वह सुरक्षित है? वह पुरुष है? जिसने उसे बांस के जंगल में पकड़ लिया, असली खलनायक लग रहा है। कहानी में हर मोड़ पर नया झटका मिलता है और दर्शक हैरान रह जाता है। मुझे यह अनिश्चितता बहुत पसंद आ रही है।
बिस्तर वाले दृश्य में जो लगाव दिखाई दिया, वह बहुत जटिल लग रही थी। लड़की की मुस्कान के पीछे कुछ छिपा था और लड़का सहमा हुआ था। क्या वह उस पर भरोसा कर सकता है? वह पुरुष है? जो रात में धमकी दे रहा था, क्या वही सुबह भी था? बांस के जंगल में अचानक हमला देखकर दिल दहल गया। यह नाटक साधारण नहीं है बल्कि बहुत गहराई से बनाया गया है। हर कड़ी के बाद सवाल बढ़ते जा रहे हैं।
मुख्य किरदार की आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था। जब वह चमड़े के जैकेट वाले के सामने बैठा था, तो उसकी घबराहट असली लग रही थी। बाद में जब वह अकेले चल रहा था, तो लगा शायद सब ठीक हो गया, पर वह पुरुष है? ने फिर वार कर दिया। अभिनय इतना स्वाभाविक है कि आप खुद को उसकी जगह पाते हैं। बांस के पेड़ों के बीच का दृश्य बहुत खूबसूरत पर डरावना था। मैं अगली कड़ी देखने के लिए बेताब हूं।
पुराने लकड़ी के घर का दृश्य बहुत सुंदर था, पर कहानी में अंधेरा गहरा है। रात की नीली रोशनी और सुबह की धूप का विरोधाभास कमाल का था। जब वह लड़की उसके गाल पर किस करती है, तो लगा शायद प्यार है, पर वह पुरुष है? वाले सवाल ने सब बदल दिया। आखिर में जब मुंह बंद करके उठाया गया, तो रोंगटे खड़े हो गए। दृश्य कथन बहुत मजबूत है और दर्शकों को बांधे रखती है।
पहले लगा कि बस एक झगड़ा है, पर फिर बेडरूम का दृश्य आया। क्या वह दोनों प्रेमी हैं या कोई मजबूरी? वह पुरुष है? जो पीछे से आया, उसने सब गड़बड़ कर दिया। बांस के जंगल का रास्ता शांत था, पर खतरा छिपा था। हर कड़ी के बाद सवाल बढ़ते जा रहे हैं। मुझे यह अनिश्चितता बहुत पसंद आ रही है। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा ही अलग है क्योंकि कहानी बहुत पेचीदा होती जा रही है।
लाल बालों वाली महिला बहुत रहस्यमयी लग रही थी। उसकी आंखों में कुछ और ही बात थी। जब वह उसके करीब आई, तो लड़का सहम गया। क्या वह शिकार है या शिकारी? वह पुरुष है? वाले नाटक में महिला किरदार की भूमिका बहुत अहम लग रही है। उसने जब गले लगाया, तो लगा शायद वह बचाना चाहती है, पर अंत में जो हुआ वह चौंकाने वाला था। किरदारों के बीच की खामोशी भी बहुत कुछ कह रही थी।
रात के दृश्य में जो नीली रोशनी थी, उसने डर का माहौल बना दिया। फिर सुबह की शांति और फिर जंगल का सन्नाटा। हर जगह खतरा महसूस हो रहा था। वह पुरुष है? जो हमलावर बना, उसका चेहरा नहीं दिखा पर उसका असर गहरा था। यह श्रृंखला आपको बांध कर रखता है। मैं अगली कड़ी देखने के लिए बेताब हूं। कहानी बहुत पेचीदा होती जा रही है और हर मोड़ पर नया झटका मिलता है।
कहानी की रफ्तार बहुत तेज है। एक पल बिस्तर पर बातें और अगले पल जंगल में हमला। कोई फालतू का दृश्य नहीं है। वह पुरुष है? वाला सवाल हर जगह छाया हुआ है। जब उसने जैकेट वाले को देखा, तो लगा जान खतरे में है। फिर वह महिला आई और सब बदल गया। संपादन बहुत तेज है जो आपको बोर नहीं होने देती। यह श्रृंखला जरूर देखना चाहिए क्योंकि इसमें डर और रोमांच दोनों हैं।
हर दृश्य के बाद नया सवाल खड़ा हो जाता है। वह लड़का क्यों डरा हुआ था? वह महिला किस तरफ है? वह पुरुष है? जो आखिर में आया, उसका मकसद क्या है? बांस के जंगल का दृश्य बहुत सिनेमाई था। मुझे यह पहेली सुलझाने में मजा आ रहा है। किरदारों के बीच की खामोशी भी बहुत कुछ कह रही थी। यह श्रृंखला दिमाग को काम करने पर मजबूर करता है और अंत तक बांधे रखता है।
इस श्रृंखला ने मुझे पूरी तरह से बांध लिया। डर, प्यार, धोखा और खतरा सब कुछ है। वह पुरुष है? वाली मुख्य पंक्ति बहुत सही बैठती है। जब वह लड़का चीखने वाला था और मुंह बंद कर दिया गया, तो दिल रुक गया। मंच सज्जा से लेकर अभिनय तक सब कुछ श्रेष्ठ है। मैंने नेटशॉर्ट पर कई श्रृंखलाएं देखी हैं पर यह सबसे अलग लगा। सबको सलाह दूंगी कि इसे मिस न करें क्योंकि यह बहुत शानदार है।