इस ड्रामे में वह कागज क्या है जो सब कुछ बदल रहा है? लड़के की आँखों में डर साफ़ दिख रहा था जब उसने वह पकड़ा। माँ का गुस्सा और लड़की की बेरुखी दिल तोड़ने वाली है। वह पुरुष है? वाले सीन में असली सच छिपा लगता है। दोस्त का सहारा मिलना अच्छा लगा पर दर्द अभी बाकी है। जीवन में ऐसे मोड़ आते हैं जो सब बदल देते हैं।
लड़की आईने के सामने लिपस्टिक लगा रही थी पर उसकी आँखों में कोई पछतावा नहीं था बिल्कुल भी। लड़का चीखना चाहता था पर चुप रहा क्योंकि शब्द खत्म हो गए थे। वह पुरुष है? सीरीज का यह एपिसोड बहुत गहरा है। रिश्तों की यह खामोशी शोर से ज्यादा दर्दनाक लगती है। सब्र का पैमाना टूट रहा है अब।
पीले स्वेटर वाली माँ की चिंता जायज थी क्योंकि उन्होंने सब कुछ देख लिया था पहले से। लड़के पर दबाव बढ़ता जा रहा है हर पल। वह पुरुष है? कहानी में परिवार का दखल अंदाजी नया मोड़ ला रहा है। सोफे पर बैठकर रोना कमजोरी नहीं इंसानियत है। हर कोई अपने संघर्ष में अकेला है इस दुनिया में।
सूट पहने दोस्त ने कंधे पर हाथ रखकर हिम्मत दी जो बहुत जरूरी था। यह पल बहुत सुकून देने वाला था उस वक्त। लड़का टूट चुका था अंदर से पूरी तरह। वह पुरुष है? प्लॉट में दोस्ती की अहमियत दिखाई गई है। जब सब साथ छोड़ दें तो एक सच्चा दोस्त ही काम आता है। आँसू छिपाना मुश्किल हो गया था सबके सामने।
क्रीम रंग स्वेटर वाले लड़के की हालत देखकर बुरा लगा बहुत ज्यादा। वह कागज शायद किसी धोखे का सबूत था जो मिला। वह पुरुष है? ड्रामे में इमोशनल सीन्स बहुत अच्छे हैं। लड़की की खामोशी सबसे बड़ा जवाब बन गई। कोई सफाई नहीं बस सच्चाई सामने थी। दर्शक भी रो पड़ेंगे यह देखकर जरूर।
कमरे में सन्नाटा था पर शोर बहुत था अंदर ही अंदर। लड़की ने मेकअप जारी रखा जैसे कुछ हुआ ही न हो बिल्कुल। वह पुरुष है? सीन में तनाव साफ़ झलक रहा था। लड़के की चुप्पी सबसे बड़ी चीख थी। रिश्तों के नाजुक धागे टूट रहे हैं। अगला एपिसोड कब आएगा सबको इंतजार है बेसब्री से।
कागज थामे हाथ कांप रहे थे डर से। सच सामने आ गया था अब छिपाना मुमकिन नहीं था किसी से। वह पुरुष है? कहानी में ट्विस्ट बहुत अच्छे हैं। माँ की नाराजगी और लड़की की उदासीनता विपरीत ध्रुव हैं। लड़का बीच में फंस गया है। न्याय कब मिलेगा यह देखना बाकी है अभी।
सोफे पर बैठकर रोना कोई बुरी बात नहीं है इंसान के लिए। दोस्त ने समझाया पर दर्द कम नहीं हुआ अभी। वह पुरुष है? शो में एक्टिंग बहुत नेचुरल है। लड़के के चेहरे के भाव सब कुछ बता रहे थे। विश्वास टूटना सबसे बड़ा दर्द होता है। सहारे की जरूरत हर किसी को होती है वक्त पर।
सफेद रोब में लड़की बहुत खूबसूरत लग रही थी पर दिल पत्थर का था। वह पुरुष है? सीरीज में किरदार बहुत गहरे हैं। लड़का उम्मीद लेकर गया था निराश लौटा। माँ का साथ खड़ा होना अच्छा लगा। परिवार ही असली ताकत होती है मुश्किल वक्त में। यह सीख मिलती है इस कहानी से।
अब लड़का क्या करेगा यह सबसे बड़ा सवाल है सबके मन में। बदला लेगा या माफ़ कर देगा? वह पुरुष है? कहानी अभी अधूरी है। हर सीन में नया सस्पेंस है। डायरेक्शन और एक्टिंग दोनों बेहतरीन हैं। दर्शकों को बांधे रखने की कला इसमें है। अगला पार्ट मिस नहीं करना चाहिए बिल्कुल।