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लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहींवां26एपिसोड

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लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं

अरबपति रुद्र सिंह ने तेरह साल घरेलू पति बनकर बिताए। उसकी पत्नी तारा का विक्रम मेहता से अफेयर निकला और गर्भपात का दोष रुद्र पर डाला गया। तलाक माँगने पर तारा ने उसका अपमान किया। रुद्र ने घर छोड़ा और असली पहचान में बड़े कारोबारी के रूप में लौटा, फिर तारा की कंपनी की सारी फंडिंग बंद कर दी। तारा को टेक समिट में अक्षर कैपिटल से मदद की उम्मीद थी, लेकिन वहाँ उतरने वाला वही रुद्र था। सबके सामने उसने तारा और विक्रम को बर्बाद कर दिया। तारा को पछतावा हुआ, लेकिन देर हो चुकी थी।
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इस एपिसोड की समीक्षा

नौकर बना पति का राज

शुरुआत में ही पति को कपड़े धोते देख दिल दुखी हो गया। मरून सूट वाली महिला का व्यवहार बहुत रूखा लग रहा है। क्या यह सब किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है? जैसे कि लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में दिखाया गया था, वैसे ही यहाँ भी छुपा हुआ सच हो सकता है। चश्मे वाला व्यक्ति चुपचाप सब सह रहा है, पर उसकी आँखों में कुछ और ही चमक है। यह दृश्य बहुत गहराई से बनाया गया है और दर्शकों को बांधे रखता है। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आई।

सुनहरी पोशाक का रहस्य

सुनहरी साड़ी में वह महिला किसी राजकुमारी से कम नहीं लग रही थी। काले कोट वाले व्यक्ति से बातचीत में जो गंभीरता थी, वह साफ झलक रही थी। क्या इनके बीच कोई पुराना रिश्ता है? लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं की कहानी भी ऐसी ही मोड़ लेती है। हर डायलॉग में वजन है और हर नज़ारा कुछ नया बताता है। मुझे यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि कैसे पात्र अपने आप को बदलते हैं। यह नाटक बहुत रोमांचक है।

गुलाबी लड़की का दर्द

गुलाबी पोशाक वाली लड़की का उदास चेहरा सब कुछ बता रहा है। शायद वह उस व्यक्ति को पसंद करती है जो अभी नौकर बना हुआ है। कहानी में यह त्रिकोण बहुत दिलचस्प लग रहा है। बिल्कुल वैसे ही जैसे लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में भावनाएं उलझी होती हैं। निर्देशक ने हर पात्र के चेहरे के भावों पर बहुत ध्यान दिया है। यह कार्यक्रम देखते समय मैं खुद को रोक नहीं पा रही थी। मुझे यह भावनात्मक पल बहुत अच्छा लगा।

फोन और बाल्टी का कंट्रास्ट

फोन पर बात करते हुए मरून सूट वाली महिला बहुत व्यस्त लग रही थी। शायद वह किसी बड़ी डील को फाइनल कर रही है। वहीं दूसरी तरफ पानी में कपड़े धोते हाथ किसी गरीबी की कहानी कह रहे हैं। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में भी ऐसे ही विरोधाभास दिखाए गए थे। यह विपरीत परिस्थितियां दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। मुझे यह कंट्रास्ट बहुत पसंद आया और मैं आगे क्या होगा जानना चाहती हूं। यह कहानी अनोखी है।

आईने वाली मुस्कान

जब वह व्यक्ति आईने में देखकर मुस्कुराता है, तो लगता है कि सब कुछ उसके प्लान के अनुसार हो रहा है। क्या वह वास्तव में नौकर है या कोई छुपा हुआ मालिक? लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं की तरह यह भी एक बड़ा ट्विस्ट हो सकता है। ऐसे सस्पेंस से भरे पल दर्शकों को बांधे रखते हैं। मुझे यह अनिश्चितता बहुत पसंद आई क्योंकि यह कहानी को रोमांचक बनाती है। हर पल नया खुलासा हो रहा है। यह नाटक बेहतरीन है।

हीरे जैसी चमक

पार्टी के दृश्य में चमकदार रोशनी और महंगे कपड़े सबकी हैसियत बता रहे हैं। सुनहरी पोशाक वाली महिला की गर्दन में हीरे जैसी माला बहुत खूबसूरत लग रही थी। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में भी ऐसे ही भव्य समारोह दिखाए गए थे। यह दिखावा और असलियत के बीच का फर्क बहुत गहरा है। मैं इस कार्यक्रम की सिनेमेटोग्राफी की तारीफ किए बिना नहीं रह सकती। सब कुछ बहुत सजीला और रंगीन है। मुझे यह दृश्य बहुत भाया।

काले कोट का अधिकार

काले कोट वाले व्यक्ति की आवाज़ में जो अधिकार था, वह साफ सुनाई दे रहा था। वह सुनहरी पोशाक वाली महिला से कुछ सख्ती से पूछ रहा था। क्या यह कोई पुराना बदला है? लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में भी ऐसे ही तीखे संवाद होते हैं। यह कहानी केवल रोमांस नहीं बल्कि पावर गेम भी लग रही है। मुझे यह शैली बहुत पसंद आई क्योंकि इसमें बोरियत नहीं है। हर सीन में कुछ नया है। यह रोमांचक है।

घर और महल का फर्क

घर के कामकाज और बाहर की शानोशौकत के बीच का अंतर बहुत स्पष्ट दिखाया गया है। एक तरफ बाल्टी में कपड़े धुल रहे हैं तो दूसरी तरफ हीरे जड़े गहने चमक रहे हैं। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं की कहानी भी ऐसे ही विषमताओं पर चलती है। यह सामाजिक स्तर का फर्क दर्शकों को झकझोर देता है। मुझे यह देखकर अच्छा लगा कि निर्माताओं ने बारीकियों पर ध्यान दिया है। यह एक गहरी कहानी है। मुझे यह पसंद है।

चुपचाप वार करने वाला

चश्मे वाले व्यक्ति की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही है। वह सब कुछ देख रहा है पर बोल नहीं रहा। शायद वह अपने समय का इंतज़ार कर रहा है। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं में भी नायक चुपचाप वार करता है। यह धैर्य और रणनीति का खेल बहुत रोमांचक लग रहा है। मैं अगले भाग का बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूं कि आखिर वह कब खुलकर सामने आएगा। यह सस्पेंस बहुत बढ़िया है। मुझे यह नाटक पसंद आया।

क्लाइमेक्स का इंतज़ार

अंत में जब सभी पात्र एक साथ आए, तो माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया। हर किसी के चेहरे पर अलग-अलग भाव थे जो उनकी कहानी बता रहे थे। लौटा जो बादलों से, वहाँ कोई पुराना प्यार नहीं के क्लाइमेक्स जैसा ही यह पल था। यह जुड़ाव और टकराव का संगम बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। मुझे यह कार्यक्रम देखकर बहुत संतुष्टि मिली क्योंकि इसमें भावनाएं असली लगती हैं। यह एक बेहतरीन कलाकृति है। मैं इसे देखने की सलाह दूंगी।