इस दृश्य में सफेद बालों वाले व्यक्ति का गुस्सा देखकर रोंगटे खड़े हो गए। वह पात्र इतना जटिल लग रहा है जैसे किसी श्राप में फंसा हो। डेनिम वाली लड़की ने उसकी मदद करने की कोशिश की जो बहुत बहादुरी थी। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार की कहानी में यह मोड़ बहुत जरूरी था। मारपीट और जज्बात का संतुलन शानदार है।
गुलाबी ब्लेजर वाली छात्रा की आंखों में डर साफ दिख रहा था जब वह जमीन पर गिर गई। उस लड़के ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन दुश्मन ज्यादा ताकतवर थे। यह सीन दिल को छू लेने वाला है। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार में ऐसे भावनात्मक पल बार-बार देखने को मिलते हैं। काश वह चोटिल न होती।
लाल पाइप और बड़ी टंकियों वाले इस कमरे में जो हुआ वह किसी सपने जैसा लगा। वहां सोए हुए लोग बेचारे थे जो बीच में आ गए। सफेद बालों वाले व्यक्ति के आगमन ने सबकी नींद उड़ा दी। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार की सजावट बहुत असली लगती है। हर कोने से खतरे का अहसास होता रहा।
उसने डरते हुए भी सफेद बालों वाले व्यक्ति को रोका। उसकी आंखों में आंसू थे लेकिन वह पीछे नहीं हटी। जब उसने अपना हाथ आगे किया तो लगा जैसे वह उसे बचाना चाहती हो। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार में ऐसे किरदार ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। उसका अभिनय बहुत स्वाभाविक लगा।
जैसे ही नीले सूट वाला आदमी आया, माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया। वह चिल्ला रहा था और सबको डरा रहा था। लगता है वह اصلی खलनायक है जो सबको नियंत्रित करना चाहता है। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार की कहानी में अब मोड़ आएगा। उसके अभिनय में गुस्सा साफ झलक रहा था।
बीच में खड़ी छोटी बच्ची सब कुछ चुपचाप देख रही थी। उसकी आंखों में सवाल थे कि यह सब क्यों हो रहा है। बड़ों की लड़ाई में बच्चों का डरना बहुत दर्दनाक लगता है। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार में इस छोटी सी भूमिका ने भी असर छोड़ा। उम्मीद है उसे कुछ नहीं होगा।
जब लड़ाई शुरू हुई तो सब कुछ बहुत तेजी से हुआ। लड़के ने लड़की को बचाने के लिए अपनी पीठ दी। धक्का मुक्की में सब जमीन पर गिर गए। लड़ाई की बनावट काफी अच्छी थी जो असली लगती है। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार में मारपीट के दृश्यों की कमी नहीं है। दर्शक बंधे रहते हैं।
सफेद बालों वाले व्यक्ति ने जब हाथ काटा तो लगा वह उसे काट लेगा। लेकिन उसने खुद को रोका। यह दिखाता है कि उसके अंदर इंसानियत बाकी है। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार में अलौकिक तत्वों का इस्तेमाल बहुत समझदारी से किया गया है। यह पल सबसे यादगार बना।
स्कूल वर्दी वाले जोड़े और बाकी लोगों के बीच की दुश्मनी साफ दिख रही थी। एक दूसरे को बचाने की कोशिश में सब मुसीबत में पड़ गए। प्यार और नफरत की यह लड़ाई देखने लायक है। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार में किरदारों के बीच का लगाव बहुत गहरा है। हर कोई किसी से जुड़ा हुआ है।
शुरू से अंत तक बोरियत नहीं हुई। हर पल कुछ नया होता रहा। कभी डर, कभी गुस्सा तो कभी दुख। ऐसे शो देखकर ही मन बहलता है। मुर्दा दिल, ज़िंदा प्यार की वजह से मैंने नेटशॉर्ट मंच पर काफी समय बिताया। अगली कड़ी कब आएगी इसका इंतजार है।