दृश्य इतने जादुई हैं कि सांस रुक जाए। पत्थर जैसे अजगर का जीवित होना और फिर सुनहरे रंग में चमकना किसी सपने से कम नहीं लगता। जब वह सुंदरी उसके पास आई तो हवा में कुछ अलग ही जादू था। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे दृश्य देखकर मन शांत हो गया। क्रिस्टल गुफा की रोशनी ने सबको और भी खूबसूरत बना दिया है। पानी की सतह पर लहरें भी बहुत सुंदर लग रही थीं। हर छोटी चीज पर ध्यान दिया गया है। यह देखकर बहुत अच्छा लगा। बार बार देखने का मन कर रहा है।
उस नागिन जैसी सुंदरी की आंखों में एक अजीब सी चमक थी। जब उसने अपनी उंगली से अजगर के पैमाने को छुआ तो ऐसा लगा जैसे बिजली दौड़ गई हो। यह रिश्ता बहुत गहरा लग रहा है। नेटशॉर्ट ऐप पर मछली बनी ड्रैगन देखना एक अलग ही अनुभव था। हर फ्रेम में इतनी बारीकी से काम किया गया है कि बार बार देखने का मन करता है। उसकी उंगलियों के नाखून भी बहुत खास लग रहे थे। यह जादू कोई साधारण नहीं है।
शुरुआत में नीली आंखों वाला पत्थर का अजगर बहुत रहस्यमयी लगा। फिर अचानक वह लाल और सुनहरे रंग में बदल गया। यह कायापलट देखकर हैरानी हुई। मछली बनी ड्रैगन की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण लग रहा है। गुफा के अंदर का वातावरण इतना शांत है कि कोई भी इसमें खो सकता है। पानी की आवाज भी बहुत सुकून देने वाली लग रही थी। दीयों की रोशनी ने अंधेरे को काट दिया। सब कुछ बहुत सही लगा।
सुंदरी के कान नुकीले हैं और गले पर नीले पैमाने हैं वह कोई साधारण इंसान नहीं लगती। उसका काला लिबास और सींग वाला ताज उसे एक रानी जैसा दिखा रहे हैं। जब वह अजगर के करीब गई तो डर नहीं बल्कि अपनापन लगा। यह दृश्य दिल को छू गया। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे काल्पनिक कहानी कम ही देखने को मिलते हैं जहां भावनाएं इतनी साफ दिखें। उसकी मुस्कान में भी कुछ जादू था।
जादुई ऊर्जा का आदान प्रदान देखकर लगा जैसे दो आत्माएं मिल रही हों। सुनहरी रोशनी और हरी धुआं जब टकराए तो स्क्रीन पर एक नया ही नजारा था। मछली बनी ड्रैगन में दृश्य प्रभावों का इस्तेमाल बहुत अच्छे से किया गया है। पानी में बने चक्र और ऊपर तैरती रोशनी ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया है। देखकर बहुत अच्छा लगा। यह कला बहुत निखरी हुई है।
अजगर की आंखों में जब गुस्सा और फिर शांति दिखाई दी तो लगा जैसे उसे कोई पुरानी याद आ गई हो। उसकी दहाड़ नहीं बल्कि एक सिसकी जैसी आवाज महसूस हुई। सुंदरी ने उसे छूकर जैसे शांत कर दिया। यह भावनात्मक जुड़ाव बहुत प्यारा लगा। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे पल बार बार देखने में अच्छे लगते हैं और मन को सुकून देते हैं। बहुत ही शानदार। आंखें नहीं हट रही हैं।
गुफा के बीचों बीच बना हुआ वह कुंड बहुत ही अद्भुत है। नीला पानी और चारों तरफ जलते दीये एक धार्मिक स्थल जैसा महसूस करा रहे हैं। जब वह सुंदरी दरवाजे से बाहर आई तो पीछे की रोशनी ने उसे परी जैसा दिखा दिया। मछली बनी ड्रैगन के मंच सजावट पर बहुत मेहनत साफ दिख रही है। हर कोने में कुछ नया देखने को मिलता है। पत्थर की नक्काशी भी कमाल की है।
जब अजगर ने अपने पंख फैलाए तो पूरी गुफा रोशन हो उठी। उसके पैमाने से निकलती हुई सुनहरी चिंगारियां किसी आग से कम नहीं थीं। फिर भी वह सुंदरी डरी नहीं बल्कि मुस्कुराई। इस साहस को सलाम है। कहानी में आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। मछली बनी ड्रैगन नेटशॉर्ट पर ऐसे शो मिलना किसी खजाने से कम नहीं है। सबको देखना चाहिए।
उस सुंदरी के हाथों के नाखून भी नीले रंग के हैं जो उसके शरीर के पैमाने से मिलते हैं। जब उसने अजगर के गाल को छुआ तो एक अजीब सी शांति छा गई। यह बिना शब्दों का संवाद बहुत गहरा था। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे छोटे छोटे विवरण कहानी को मजबूत बना रहे हैं। दर्शक के रूप में यह सब देखकर बहुत अच्छा लगा। कलाकारों ने जान डाल दी है।
अंत में जब अजगर ने अपनी आंखें खोलीं तो उनमें एक नई शक्ति दिखाई दी। ऐसा लगा जैसे अब वह किसी बड़े युद्ध के लिए तैयार है। वह सुंदरी उसके पीछे खड़ी होकर उसे ताकत दे रही थी। यह जोड़ी बहुत जच रही है। आगे की कहानी का इंतजार नहीं हो रहा है। मछली बनी ड्रैगन ऐसे काल्पनिक दृश्य हिंदी में देखना अपने आप में एक खास अनुभव है। बहुत पसंद आया।