PreviousLater
Close

मछली बनी ड्रैगनवां68एपिसोड

2.0K2.0K

मछली बनी ड्रैगन

आलसी कर्मचारी यश दूसरी दुनिया में बिना स्तर की बेकार सुनहरी मछली बनकर आया। उसने भक्षण विकास प्रणाली अपने साथ जोड़ ली। अपनी सुनहरी मछली वाली किस्मत के दम पर उसने एक-एक करके सबको पीछे छोड़ दिया और ड्रैगन बन गया। उसने खून के दम पर होने वाले भेदभाव को कुचल दिया, सैकड़ों राक्षसों की दावत में राज किया, और झील के अंदर रहने वाले राक्षसों की किस्मत बदल दी।
  • Instagram
इस एपिसोड की समीक्षा

स्वर्ग का नया राजा

इस शो में दृश्य बहुत ही शानदार हैं। काले कपड़ों वाला सम्राट हार गया और सफेद बालों वाला योद्धा जीत गया। मछली बनी ड्रैगन कहानी में यह मोड़ बहुत रोमांचक था। सोने के सिंहासन और बादलों का नज़ारा देखकर मन मोह गया। इस माध्यम पर देखने का अनुभव भी अच्छा रहा।

त्रिशूल की शक्ति

सफेद बालों वाले देवता के हाथ में त्रिशूल देखकर रोंगटे खड़े हो गए। नीली चमक वाली शक्ति बहुत खतरनाक लग रही थी। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे युद्ध के दृश्य कम ही देखने को मिलते हैं। सभी पात्रों के कपड़े और गहने बहुत कीमती लग रहे थे। कहानी की रफ्तार भी बहुत तेज थी।

सुंदर अप्सराएं

यहां पर कई सुंदर अप्सराएं थीं जिनकी पूंछ मछली जैसी थी। उनके कपड़े अलग अलग रंगों के थे और वे बहुत आकर्षक लग रही थीं। मछली बनी ड्रैगन में इनका अभिनय भी काफी अच्छा था। जब वे झुकीं तो लगा जैसे स्वर्ग की देवियां हों। दृश्य बहुत ही रंगीन और जादुई थे।

सोने का महल

पूरा महल सोने और हीरे जैसा चमक रहा था। स्तंभों पर बने नाग बहुत ही बारीकी से बनाए गए थे। मछली बनी ड्रैगन की दृश्य व्यवस्था ने सबका ध्यान खींच लिया। बादलों के ऊपर बना यह स्थान सपनों जैसा लग रहा था। रोशनी का इस्तेमाल बहुत ही खूबसूरती से किया गया था।

हार और जीत

काले वस्त्रों वाले सम्राट का घुटनों पर गिरना बहुत दुखद था। उसकी आंखों में गुस्सा और हताशा साफ दिख रही थी। मछली बनी ड्रैगन में इस भावनात्मक पल ने कहानी को गहराई दी। नए राजा का आना किसी तूफान की तरह था। सब कुछ बदल गया था। पुराना दौर खत्म हो गया था।

इंद्रधनुष का संकेत

अंत में जब आसमान में इंद्रधनुष दिखा तो लगा सब ठीक हो गया। पक्षी उड़ रहे थे और शांति छा गई थी। मछली बनी ड्रैगन का अंत बहुत ही सुखद था। सफेद बालों वाले नेता ने सबको एकता का पाठ पढ़ाया। यह दृश्य दिल को छू गया। बहुत सुंदर समापन था।

नाग का प्रभाव

हर जगह नाग की आकृतियां थीं, खंभों पर और छत पर। यह जानवर इस कहानी में बहुत महत्वपूर्ण लग रहा था। मछली बनी ड्रैगन का नाम भी इसी से प्रेरित लगता है। सुनहरे नाग की आंखें जैसे जीवित हों। कलाकारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। सबने दिल लगाया था।

जादुई शक्तियां

जब सफेद बालों वाले योद्धा ने अपनी शक्ति दिखाई तो हवा में चिंगारियां उड़ रही थीं। जमीन हिल रही थी और धुएं का गुबार था। मछली बनी ड्रैगन में ऐसे विशेष प्रभाव बहुत प्रभावशाली थे। पुराने सम्राट की शक्ति भी कम नहीं थी पर हार गई। युद्ध भयानक था।

भीड़ का नज़ारा

अंत में बहुत सारे योद्धा और प्राणी एक साथ झुके हुए थे। यह दृश्य बहुत ही भव्य लग रहा था। मछली बनी ड्रैगन में इस तरह का सामूहिक दृश्य कम ही मिलता है। सबकी आंखों में नए राजा के लिए सम्मान था। माहौल बहुत गंभीर और शांत था। सब मान गए थे।

माध्यम का अनुभव

इस माध्यम पर यह दृश्य देखना बहुत आसान था। गुणवत्ता बहुत साफ थी और आवाज भी स्पष्ट थी। मछली बनी ड्रैगन जैसे शो यहां अच्छे लगते हैं। कहानी में रुचि बनी रही और बोरियत नहीं हुई। मैं फिर से ऐसे दृश्य देखना चाहूंगा। समय अच्छा कटा।