शुरू में ही वो पागल हंसी रोंगटे खड़े कर देती है। जब उसने यिन-यांग प्रेतों को बुलाया, तब समझ आया कि ये कोई साधारण जादू नहीं है। शहर की तबाही देखकर दिल दहल गया। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं जो आपको सोचने पर मजबूर कर दें। वो आदमी किसलिए हंस रहा था? क्या उसे अपनी मौत का अंदाजा था? हर फ्रेम में एक नया रहस्य छिपा है जो धीरे धीरे खुलता है।
नीली रोशनी में जब इमारतें ढह रही थीं, तो लगा जैसे प्रलय आ गई हो। एनिमेशन की क्वालिटी बहुत शानदार है। धूल और मलबे के बीच वो सूट वाला आदमी खड़ा था, मानो सब कुछ उसकी योजना का हिस्सा हो। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! की कहानी में ये तबाही सिर्फ शुरुआत लगती है। क्या वो लड़का इस सबका बदला लेगा? उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था। ये दृश्य बहुत ही शक्तिशाली है।
स्क्रीन देखते ही उस छोटे लड़के का चेहरा बदल गया। पहले वो शांत था, फिर अचानक चीख पड़ा। कुर्सी से कूदकर डेस्क पर खड़ा हो गया। उसकी आंखों में आंसू और गुस्सा दोनों थे। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में इस किरदार का दर्द साफ झलकता है। शायद वो मरे हुए लोगों को जानता था। उसकी प्रतिक्रिया ने पूरे माहौल को गंभीर कर दिया। दर्शक भी सहम जाते हैं।
काले और सफेद प्रेतों का डिजाइन बहुत ही अनोखा है। एक तरफ अंधेरा है तो दूसरी तरफ सफेद रोशनी। जब उन्होंने ऊर्जा छोड़ी, तो लाल रंग का मंडल चमक उठा। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में इन शक्तियों का संतुलन ही कहानी की जान है। वो बूढ़ा आदमी चाय की ट्रे लेकर खड़ा था, पर उसकी आंखों में भी कुछ छिपा था। सब कुछ इतना सीधा नहीं है। रहस्य गहरा है।
एक आदमी ने दूसरे का गला दबाया और पागलों की तरह हंसा। खून से सने कपड़े और टूटी हुई इमारतें बता रही थीं कि यहां क्या हुआ। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में विश्वासघात का ये दृश्य सबसे दर्दनाक है। कैमरे में रिकॉर्ड होता वो चेहरा कभी नहीं भूलूंगा। क्या ये सब किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था? हर पल संदेह बढ़ता जाता है। सच क्या है।
उस बूढ़े नौकर ने बिना कुछ कहे चाय की ट्रे पकड़ी हुई थी। उसकी आंखों में चिंता थी, पर वो कुछ बोल नहीं रहा था। शायद वो सब जानता था जो होने वाला था। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में छोटे किरदार भी अपनी कहानी कहते हैं। कमरे का माहौल इतना भारी था कि सांस लेना मुश्किल लग रहा था। खामोशी सबसे ज्यादा शोर मचाती है। ये सच है।
जब उस लड़के ने टीवी पर वो सब देखा, तो लगा जैसे वो खुद वहां मौजूद हो। रिकॉर्डिंग में जो हो रहा था, वो हकीकत से ज्यादा डरावना था। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में टेक्नोलॉजी और जादू का मिलन बहुत खतरनाक है। बिजली की कड़क और चीखें सब कुछ तबाह कर रही थीं। उस लड़के की नियति अब बदलने वाली है। समय कम है।
चश्मे वाले आदमी की हंसी ने पूरे कमरे को गूंजा दिया। उसके दांत और आंखें बता रही थीं कि वो होश खो चुका है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में विलेन का ये रूप बहुत डरावना है। उसने अपनी ताकत का इस्तेमाल बिना किसी दया के किया। मलबे के बीच खड़ा होकर वो जीत का जश्न मना रहा था। पर क्या ये जीत टिक पाएगी? सवाल बड़ा है।
अंत में वो लड़का डेस्क पर चढ़ गया और चिल्लाया। उसके हाथों में कागज बिखरे थे। उसने मुक्का तानकर सीधे कैमरे की तरफ देखा। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में ये क्लाइमेक्स बहुत दमदार है। उसने ठान लिया है कि वो चुप नहीं बैठेगा। कमरे की सजावट पुरानी थी, पर उसका गुस्सा बिल्कुल नया और ताजा था। अब बदलाव आएगा। जल्दी आएगा।
पूरा वातावरण लाल रोशनी में डूबा हुआ था। खून के निशान दीवारों पर साफ दिख रहे थे। जब प्रेतों ने हमला किया, तो बिजली कड़की। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में रंगों का इस्तेमाल मूड बनाने के लिए बहुत अच्छे से किया गया है। हर दृश्य में एक अलग तरह का तनाव है। दर्शक के रूप में मैं बस देखता रहा कि क्या होगा आगे। डर लगा रहा।