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भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत!वां17एपिसोड

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भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत!

दस वर्षीय आर्यन चौहान भूतिया मिशन संसार में पहुँचकर “रिश्ता सिस्टम” सक्रिय करता है। नर्स चुड़ैल (मौसी) एस-ग्रेड में उसकी मौसी निकलती है। वह लाल साड़ी वाली चुड़ैल, तांबे के ताबूत की दुल्हन और अंधकार सम्राट से रिश्ते जोड़कर भूतिया परिवार बनाता है, मिशनों पर राज करता है और दोनों दुनियाओं में अपनी सत्ता स्थापित करता है।
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इस एपिसोड की समीक्षा

अस्पताल का डरावना माहौल

इस शो का अस्पताल वाला सीन देखकर रोंगटे खड़े हो गए। नर्सों की चुप्पी और वो लंबा कोरीडोर किसी साइको थ्रिलर से कम नहीं लग रहा। जब सिस्टम ने रिश्तेदारों को अनलॉक किया, तो समझ आया कि भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! क्यों फेमस है। डर और सस्पेंस का बेहतरीन मिश्रण है। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव काफी रोमांचक रहा। हर छाया में छिपा खतरा दर्शकों को बांधे रखता है। माहौल में जो ठंडक थी वो रूह कंपा देने वाली थी।

सिस्टम का अनोखा खेल

कहान में सिस्टम का इंटरफेस बहुत यूनिक लगा। जब मुख्य किरदार को अपने ही रिश्तेदारों से लड़ना पड़ता है, तो इमोशनल ड्रामा बढ़ जाता है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! की कहानी में गहराई है। कंट्रोल रूम वाले सीन से लगता है कि सब कुछ प्लान किया गया है। हर एपिसोड में नया ट्विस्ट मिलता है। ये शो सोचने पर मजबूर कर देता है। तकनीक और जादू का संगम है।

किरदारों का डर असली लगता है

लड़के की आंखों में जो खौफ दिखा, वो दिल को छू गया। एनिमेशन इतना रियलिस्टिक है कि लगता है सब सच हो रहा है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में एक्टिंग और एक्सप्रेशन पर खास ध्यान दिया गया है। जब वो चीखता है, तो दर्शक भी सहम जाता है। ऐसी कहानियां बार-बार देखने को मजबूर कर देती हैं। विजुअल स्टोरीटेलिंग बहुत शक्तिशाली है। हर फ्रेम में जान है।

नर्सों का रहस्यमयी व्यवहार

वो नर्सें बिना कुछ बोले खड़ी थीं, पर उनकी आंखें सब कुछ कह रही थीं। अस्पताल के सीन में जो सन्नाटा था, वो सबसे डरावना था। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! का हर सीन सोच समझकर बनाया गया है। मुझे लगा कि शायद वो नर्सें इंसान नहीं हैं। इस तरह के हॉरर एलिमेंट्स बहुत कम देखने को मिलते हैं। माहौल बहुत ही डरावना बनाया गया है। दीवारों पर लगे दाग भी कहानी कहते हैं।

कंट्रोल रूम की साजिश

दो आदमी स्क्रीन देख रहे थे, उन्हें सब पता है। ये कौन हैं और क्यों देख रहे हैं? भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में ये सवाल दिमाग में घूमते रहते हैं। वार्निंग साइन लाल रंग में जब आए, तो तनाव बढ़ गया। लगता है ये सब एक बड़े प्रयोग का हिस्सा है। प्लॉट बहुत ही पेचीदा और दिलचस्प है। रहस्य धीरे धीरे खुलता है। हर पल नया सवाल खड़ा होता है।

रिश्तों का डरावना सच

अपने ही रिश्तेदार दुश्मन बन जाएं, इससे बड़ी ट्रैजदी क्या हो सकती है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! ने इस अवधारणा को बहुत अच्छे से उठाया है। जब सिस्टम ने चाचा और बहन को अनलॉक किया, तो झटका लगा। परिवार ड्रामा और हॉरर का मिश्रण बहुत सफल रहा। नेटशॉर्ट पर ऐसी गुणवत्ता मिलना सुखद है। कहानी में दम है। भावनाओं का खेल बहुत गहरा है।

विजुअल और साउंड इफेक्ट

एनिमेशन की गुणवत्ता बहुत उच्च स्तर की है। रोशनी और परछाई ने डर को कई गुना बढ़ा दिया है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में हर दृश्य एक चित्र जैसा लगता है। जब चेतावनी बजती है, तो ध्वनि डिजाइन भी कमाल का है। तकनीकी पक्ष से ये शो बहुत मजबूत है और दर्शकों को बांधे रखता है। कलात्मक पक्ष भी बहुत निखरा हुआ है। रंगों का चुनाव भी डरावना है।

सस्पेंस का डोज़

हर सीन के बाद लगता है कि अब क्या होगा। रुकावट का इस्तेमाल बहुत चतुराई से किया गया है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में बोरियत का नामोनिशान नहीं है। लड़के का भ्रम और डर दर्शकों को भी उसकी जगह खड़ा कर देता है। मैंने लगातार कई कड़ियां देखीं और रुक नहीं पाया। हर पल नया खुलासा होता है। दर्शक को अनुमान नहीं लगने दिया जाता।

मुख्य किरदार की जर्नी

नायक का सफर बहुत कठिन लग रहा है। अकेलेपन में वो कैसे लड़ेगा, ये देखना दिलचस्प है। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! में किरदार का विकास धीरे धीरे हो रहा है। उसकी आंखों में जो आंसू और गुस्सा था, वो साफ दिख रहा था। ऐसे जटिल किरदार कहानी को आगे बढ़ाते हैं। संघर्ष बहुत ही असली लगता है। जीने की चाहत साफ झलकती है।

कुल मिलाकर शानदार अनुभव

अगर आपको डर और रहस्य पसंद है, तो ये कार्यक्रम मिस नहीं करना चाहिए। भूतिया रिश्ते: हर मिशन में अपने ही प्रेत! ने उम्मीदों से ज्यादा बेहतर प्रदर्शन किया है। नेटशॉर्ट एप्लिकेशन पर इसे देखना बहुत आसान और मजेदार रहा। कहानी, अभिनय और दृश्य सब कुछ श्रेष्ठ है। मैं इसे अपने दोस्तों को जरूर सुझाऊंगा। पूरी तरह से मनोरंजक है। समय बर्बाद नहीं होता है।