बड़े साहब, यह बच्चा आपका नहीं की शुरुआत ही इतनी रहस्यमयी है कि मन बेचैन हो जाता है। एक तरफ सूट पहने आदमी का अजीब सा व्यवहार, दूसरी तरफ नींद से जागी लड़की की हैरानी। जब वह चाय का कप पकड़ती है, तो लगता है जैसे कोई बड़ा झटका लगने वाला हो। कमरे का माहौल, खिड़की से दिखता रात का नज़ारा, और दोनों के बीच की खामोशी, सब कुछ कहानी का हिस्सा बन गया है। नेटशॉर्ट ऐप पर ऐसे सीन देखकर लगता है कि असली ड्रामा तो अब शुरू होगा।