जब वह लड़की कार में बैठी और उसकी आँखों में नींद नहीं बल्कि एक गहरा दर्द था, तो दिल रुक सा गया। बड़े साहब, यह बच्चा आपका नहीं वाला मोड़ इतना भावुक था कि साँस थम गई। लड़के की चुप्पी और उसकी नज़रें सब कुछ कह रही थीं। रात की रोशनी में यह दृश्य जैसे किसी टूटे हुए सपने का हिस्सा लग रहा हो। नेटशॉर्ट पर ऐसे सीन्स देखकर लगता है कि कहानी सिर्फ ड्रामा नहीं, इंसानियत की गहराई भी छूती है।