फोन निकालकर रिकॉर्डिंग करना आजकल का फैशन बन गया है। दोस्तों का साथ देना अच्छी बात है, लेकिन जब माफी मांगने का तरीका ही वायरल होने के लिए हो, तो प्यार, झूठ और धोखा का खेल शुरू हो जाता है। मार्क का चुप रहना सबसे बड़ा जवाब था जो उसने दिया।
अंदर मार्क की चुप्पी और बाहर उस महिला का शोर, दोनों के बीच का कंट्रास्ट कमाल का था। प्यार, झूठ और धोखा में अक्सर यही होता है, एक तरफ नाटक और दूसरी तरफ गहरा मौन। उस महिला की आंखों में आंसू थे या सिर्फ मेकअप, यह तो वही जानती होगी।
साइन बोर्ड पर 'फॉर द किड्स' लिखा देखकर दिल द्रवित हो गया, लेकिन क्या सच में बच्चों के लिए यह सब कर रही थी? प्यार, झूठ और धोखा की कहानियों में अक्सर बच्चों को ढाल बनाया जाता है। मार्क की आंखों में जो पीड़ा थी, वह शायद इसी दोराहे पर थी।
अंत में जमीन पर गिरना एक नाटकीय अंत था या फिर थकान का परिणाम? प्यार, झूठ और धोखा में कभी-कभी इंसान सच में टूट जाता है। दोस्तों का घबरा जाना बताता है कि शायद यह बार कुछ ज्यादा ही गंभीर हो गया था। सबकी सांसें रुक गई थीं।
मार्क ने एक शब्द नहीं कहा, बस खिड़की से देखा और वापस मुड़ गया। यह चुप्पी हजार शब्दों से भारी थी। प्यार, झूठ और धोखा में जब इंसान बोलना बंद कर दे, तो समझ जाओ कि अब कुछ बचा नहीं है। उसकी आंखों में गुस्सा नहीं, बस खालीपन था।