लाल टेबल क्लॉथ और केक के बीच बैठे लोग मुस्कुरा रहे हैं, लेकिन उनकी आँखों में तनाव साफ है। जब फल की ट्रे लाई जाती है, तो उस ब्लॉन्ड औरत का इशारा किसी साजिश जैसा लगता है। प्यार, झूठ और धोखा का असली खेल तो इसी डिनर टेबल पर शुरू होता है।
वह आदमी जब फोन पर बात करके वापस आता है, तो उसका चेहरा पूरी तरह बदल चुका होता है। यह छोटा सा मोमेंट प्यार, झूठ और धोखा की कहानी में एक बड़ा मोड़ लाता है। लगता है बाहर कोई बड़ी मुसीबत खड़ी है जो अंदर के झूठ को बेनकाब करने वाली है।
बाथरूम में खड़ी वह लड़की जब फोन उठाती है, तो उसकी घबराहट साफ झलकती है। शायद वह किसी को अलर्ट कर रही है। प्यार, झूठ और धोखा में ये छोटे-छोटे सीन्स ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं। हर कोई कुछ छिपा रहा है और हर कोई कुछ जानना चाहता है।
अंत में वह आदमी गाड़ी चलाते हुए जो चेहरा बनाता है, वह डर और गुस्से का मिश्रण है। उसका एक्सीलरेटर पर पैर रखना किसी बड़ी एक्शन सीन की ओर इशारा करता है। प्यार, झूठ और धोखा का क्लाइमेक्स शायद इसी गाड़ी से शुरू होने वाला है।
पीछे क्रिसमस की सजावट है, रोशनी है, लेकिन पात्रों के चेहरों पर कोई खुशी नहीं है। यह विरोधाभास प्यार, झूठ और धोखा के मूड को परफेक्टली कैप्चर करता है। त्योहार के दिन भी जब दिल में धोखा हो, तो माहौल कितना वीरान हो सकता है, यह सीन बताता है।