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नौ लोकों के देवतावां10एपिसोड

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नौ लोकों के देवता

नायक कभी सूर्य देश का युद्ध देवता था। फिर एक दिन वह गिर गया – अंधा, बेकार, सबकी नज़र में अपमानित। वह कैदी भी रहा। पर जब उसकी आत्मा शरीर से अलग हुई, तो उसे दैवीय संयोग मिला – एक नई दुनिया दिखी। उसके पास जज़्बा है, सपने हैं। वह मरकर भी अपने देश और परिवार की रक्षा करेगा।
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इस एपिसोड की समीक्षा

तलवारों का साया और रहस्य

शुरुआत का दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण था। छत से लटकती हुई तलवारें देखकर रोंगटे खड़े हो गए। नीलिमा जोशी की एंट्री ने माहौल को और भी गंभीर बना दिया। लगता है सूर्य देश के रक्षकों के बीच कोई बड़ी साजिश चल रही है। नौ लोकों के देवता सीरीज में ऐसे सीन देखकर मजा आ गया। सफेद पोशाक वाले व्यक्ति की शांति और काले कपड़ों वाले का घमंड साफ दिख रहा था। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।

सफेद पोशाक वाले की ताकत

बाजार वाले सीन में सफेद पोशाक वाले व्यक्ति ने जो जादुई तलवार चलाई, वह कमाल की थी। एक ही वार में विरोधी को हरा दिया। उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। नौ लोकों के देवता की कहानी में शायद यही मुख्य पात्र है। काले कपड़ों वाले को अपनी ताकत पर बहुत घमंड था, लेकिन अंत में उसे मुंह की खानी पड़ी। लड़ाई के दृश्य बहुत ही शानदार तरीके से फिल्माए गए हैं। दर्शक इससे प्रभावित हुए बिना नहीं रहेंगे।

नीलिमा का रुतबा

नीलिमा जोशी के किरदार में जो दमखम है, वह लाजवाब है। छिपे रक्षकों की प्रमुख होने का अंदाज उसके हर हावभाव से झलकता है। जब उसने हाथ उठाया, तो सब चुप हो गए। नौ लोकों के देवता में महिला पात्रों को इतनी मजबूती से दिखाया गया है, यह सराहनीय है। कमरे का माहौल और मोमबत्ती की रोशनी ने ड्रामा को और भी गहरा बना दिया। देखने वालों को यह पसंद आएगा। निर्देशन बहुत सटीक है।

घमंड का अंत

काले और लाल कपड़ों वाले व्यक्ति का घमंड देखकर गुस्सा आ रहा था। उसे लगा था कि वह सब पर राज कर सकता है। लेकिन सफेद पोशाक वाले ने उसे सबक सिखा दिया। जमीन पर गिरने का दृश्य बहुत संतोषजनक था। नौ लोकों के देवता की कहानी में न्याय की जीत होती दिखाई दे रही है। संवाद भी बहुत भारी और दमदार थे। ऐसे सीन बार बार देखने को मन करता है। कलाकारों ने जान डाल दी है।

जादुई तलवार का कमाल

जब सफेद पोशाक वाले ने तलवार से रोशनी की किरण छोड़ी, तो सब हैरान रह गए। यह कोई साधारण युद्ध नहीं था, इसमें जादू की शक्ति थी। नौ लोकों के देवता में ऐसे दृश्य प्रभाव उम्मीद से बेहतर हैं। पुराने जमाने के बाजार का सेट भी बहुत असली लगा। भीड़ की प्रतिक्रिया ने सीन को और भी जीवंत बना दिया। तकनीक और कहानी का अच्छा मेल है। बजट का सही इस्तेमाल हुआ है।

कमरे का खौफनाक माहौल

उस कमरे में बैठे सभी लोग किसी बड़े फैसले का इंतजार कर रहे थे। टेबल पर रखी मोमबत्ती और चारों तरफ का सन्नाटा डरावना था। नौ लोकों के देवता के इस कड़ी में रहस्य बना हुआ है। नीलिमा के आने के बाद सबकी हालत खराब हो गई। लगता है अब बड़ा युद्ध होने वाला है। कपड़ों के डिजाइन और सेटिंग पर बहुत मेहनत की गई है। हर कोने में खतरा महसूस हुआ।

वेशभूषा और सजावट

किरदारों के कपड़े बहुत ही शानदार हैं। सफेद पोशाक वाले के कंधे पर सुनहरा कवच बहुत आकर्षक लग रहा था। काले कपड़ों वाले के कपड़ों में लाल रंग का इस्तेमाल खतरे का संकेत दे रहा था। नौ लोकों के देवता में कपड़ों की सजावट करने वाले ने कमाल कर दिया है। हर छोटी चीज पर ध्यान दिया गया है। यह सीरीज दृश्य रूप से भी बहुत समृद्ध है। रंगों का चुनाव बहुत गहराई वाला है।

एक्शन की रफ्तार

लड़ाई का सीन बहुत तेजी से हुआ। पलक झपकते ही सब खत्म हो गया। सफेद पोशाक वाले की गति और ताकत के आगे कोई टिक नहीं सका। नौ लोकों के देवता में युद्ध के दृश्य को इस तरह दिखाया गया है कि बोरियत नहीं होती। काले कपड़ों वाले को मौका भी नहीं मिला। लड़ाई की बनावट बहुत सटीक है। दर्शक सीट से बंधे रहेंगे। हर हरकत में जान थी।

कहानी का नया मोड़

लग रहा था कि बातचीत से मामला सुलझ जाएगा, लेकिन तलवारें निकल आईं। नौ लोकों के देवता की कहानी में हर पल नया मोड़ आ रहा है। सफेद पोशाक वाले का परिचय बहुत धमाकेदार हुआ। अब सवाल यह है कि वह किसका साथ देगा। नीलिमा की भूमिका भी अहम लग रही है। आगे के एपिसोड का बेसब्री से इंतजार है। कहानी बहुत मजबूत है।

संतोषजनक अंत

अंत में जब विरोधी जमीन पर गिरा, तो लगा कि सही हुआ। बुराई पर अच्छाई की जीत हुई। सफेद पोशाक वाले ने बिना ज्यादा मेहनत के जीत हासिल की। नौ लोकों के देवता में ऐसे सीन दर्शकों को पसंद आते हैं। चेहरे के भाव और आंखों की बातें सब कुछ कह रही थीं। यह सीरीज अपनी शैली में बेहतरीन साबित हो रही है। सबको देखना चाहिए।