सात दिन बाद का समय बहुत जरूरी था। अब दोनों को होश आना चाहिए। सफेद बालों वाले गुरु की शक्तियों पर भरोसा है। छुपा हुआ तानाशाह २ में जादुई तत्व भी हो सकते हैं। काले चोगे वाला व्यक्ति कौन था? शायद कोई दुश्मन या दोस्त। कमरे की सजावट बहुत पुराने जमाने की लग रही थी। मोमबत्ती की रोशनी में सब कुछ रहस्यमयी लग रहा था। सब सोच रहे थे।
सेनापति की आंखों में भी थोड़ी बेचैनी थी जब सम्राट आदेश दे रहा था। वह वफादार है पर शायद अंदर से टूट रहा है। छुपा हुआ तानाशाह २ के किरदार बहुत गहरे हैं। पीछे खड़े सैनिक भी सब देख रहे थे। उस राजकुमारी की चीख नहीं निकली पर आंखें सब कह रही थीं। सात दिन बाद का दृश्य बहुत सुंदर बनाया गया है। पानी के बीच में वह मंच शांति का प्रतीक लग रहा था। सब हैरान थे।
काले वस्त्रों वाली योद्धा कन्या बहुत रहस्यमयी लग रही थी। उसके हाथ में तलवार थी और चेहरे पर कोई भाव नहीं। उसने ही शायद उन्हें गिराया था। छुपा हुआ तानाशाह २ में हर किरदार की अपनी मजबूरी है। सात दिन बाद का दृश्य शांत था पर खतरा बना हुआ था। बूढ़े गुरु का आना कुछ नई उम्मीद देता है। क्या वे दोनों बच पाएंगे? यह जानने की उत्सुकता बढ़ रही है। सब देख रहे थे।
सम्राट की आंखों में कोई दया नहीं थी जब उसने उस जोड़े को जमीन पर गिरते देखा। पीले वस्त्रों में वह कितना ठंडा लग रहा था। सेनापति भी चुपचाप खड़ा रहा। छुपा हुआ तानाशाह २ में ऐसा लगता है कि सत्ता के लिए सब कुछ कुर्बान है। उस राजकुमारी की आंखों में आंसू थे पर वह कुछ कर नहीं सकती थी। यह दृश्य दिल को झकझोर देने वाला था। सच में राजनीति में रिश्ते मायने नहीं रखते। कोई हिल भी नहीं सकता था।
दो प्रेमी एक साथ जमीन पर गिर गए थे। लाल और सफेद कपड़ों में वे बहुत खूबसूरत लग रहे थे पर बेजान थे। छुपा हुआ तानाशाह २ में रोमांस और दुख का मिश्रण है। काले कपड़े वाली योद्धा ने तलवार वापस ले ली। क्या उसका काम पूरा हो गया? बूढ़े व्यक्ति ने गो के पत्थर उठाए। यह शांत दृश्य तूफान से पहले की शांति लग रहा था। सब सन्न थे।
जब सम्राट और सेनापति वहां से चले गए तो लगा जैसे सब खत्म हो गया। जमीन पर पड़े शव और खून के निशान कहानी की गंभीरता बता रहे थे। छुपा हुआ तानाशाह २ में संघर्ष से ज्यादा भावनात्मक नाटक है। उस कमरे में दोनों बेहोश पड़े थे। सफेद बालों वाले व्यक्ति की उपस्थिति ने माहौल बदल दिया। अब इलाज होगा या कोई नई साजिश? यह देखना दिलचस्प होगा। सब चुप थे।
सम्राट के सिर का ताज भारी लग रहा था इस दृश्य में। उसने अपनी ही खुशी का गला घोंट दिया शायद। छुपा हुआ तानाशाह २ में सत्ता का खेल बहुत दिलचस्प हैं। सेनापति हरे कवच में बहुत प्रभावशाली लग रहा था। जब वे सीढ़ियों से नीचे उतरे तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह क्रूरता थी या मजबूरी? कमरे में दोनों को देखकर लगा कि कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। सब देख रहे थे।
नारंगी पोशाक वाली राजकुमारी की हालत देखकर बुरा लगा। वह अपने प्रेमियों को मरते हुए देख रही थी पर मजबूरी थी। सम्राट का व्यवहार बहुत क्रूर लगा। छुपा हुआ तानाशाह २ की कहानी में अब तक का यह सबसे दुखद मोड़ है। काश वह हस्तक्षेप कर पाती। सेनापति की तलवार भी खामोश थी। क्या सच में कोई रास्ता नहीं था बचने का? यह सवाल दिमाग में घूम रहा है। सब स्तब्ध थे।
अंत में जब वे दोनों कमरे में लेटे थे तो लगा कि सांस मिली है। बूढ़ा व्यक्ति धीरे से चल रहा था। छुपा हुआ तानाशाह २ का अंत पास आ रहा है। काले वस्त्र वाले की चुप्पी बहुत शोर मचा रही थी। पानी के ऊपर बना वह घर अजीब था। क्या यह कोई गुप्त स्थान है? सेनापति की वापसी कब होगी? यह सब सवाल बेचैन कर रहे हैं। सब इंतजार कर रहे थे।
उस राजकुमारी की सजावट बहुत भव्य थी पर चेहरे पर उदासी थी। हीरे और मोती भी उसके आंसू नहीं पोंछ सकते थे। छुपा हुआ तानाशाह २ में पोशाकें बहुत अच्छी हैं। सम्राट की पोशाक में ड्रैगन बना था जो उसकी ताकत दिखाता था। जमीन पर पड़े युवक के चेहरे पर खून था। यह दृश्य बहुत हिंसक था पर जरूरी था कहानी के लिए। अब बदला लेने की बारी होगी। सब डरे हुए थे।