पर्दे वाली महिला की चुप्पी सबसे ज्यादा शोर मचा रही थी। वह सब देख रही थी पर कुछ नहीं बोली। इससे उसके किरदार की गहराई बढ़ती है। सफेद पोशाक वाले के जागने के बाद माहौल बदल गया। छुपा हुआ तानाशाह दो में हर पात्र की अपनी एक कहानी है। मंच सजावट और प्रकाश व्यवस्था ने भी इस दृश्य को निखारा है। रात का समय और मोमबत्तियों की रोशनी खूबसूरत थी।
कला प्रतियोगिता का यह दृश्य बहुत भव्य लगा। लाल कार्पेट और पुराने जमाने की वास्तुकला देखने में शानदार है। सफेद पोशाक वाले की बेपरवाही और फिर उसका हुनर देखकर दांतों तले उंगली दबानी पड़ी। छुपा हुआ तानाशाह दो की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा। रंगों का उपयोग और स्याही का जादूई प्रभाव आंखों को सुकून देता है। मंच सजावट बहुत अच्छी थी।
ऊपर बैठी पर्दे वाली महिला कौन है? उसकी मौजूदगी से पूरे सभा कक्ष में अलग ही रहस्य बना हुआ है। जब सफेद पोशाक वाले ने स्याही को हवा में उड़ाया, तो सब हैरान रह गए। दृश्य प्रभाव साधारण लग सकते हैं, पर कहानी की पकड़ मजबूत है। छुपा हुआ तानाशाह दो में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं जो रोमांच बढ़ाते हैं। उसका जादूई प्रभाव आंखों को सुकून देता है।
सफेद पोशाक वाला युवक शुरू में सो रहा था, सबको लगा वह हार गया। लेकिन अंत में उसने स्याही से जो कमाल किया, वह देखते ही बनता था। छुपा हुआ तानाशाह दो में ऐसे ही रोमांचक मोड़ मिलते हैं। उसकी आंखों में चमक और फिर अचानक उठकर चित्रकारी करना सच में दिलचस्प था। सबकी प्रतिक्रियाएं भी बहुत असली लग रही थीं। यह दृश्य बताता है कि असली हुनर कभी छिपा नहीं रह सकता। धैर्य का फल मीठा होता है।
नीले कपड़ों वाले युवक को लगा था वह जीत जाएगा, पर सफेद वाले ने खेल पलट दिया। यह कमजोर दिखने वाले की कहानी है जो हमेशा काम करती है। निर्णायकों के चेहरे के भाव बदलते देखना मजेदार था। छुपा हुआ तानाशाह दो में ऐसे नाटकीय मोड़ की कमी नहीं है। संगीत और पृष्ठभूमि ध्वनि भी तनाव को बढ़ा रही थी। कुल मिलाकर एक बेहतरीन दृश्य।
भीड़ की प्रतिक्रियाएं इस दृश्य की जान हैं। जब मुख्य पात्र ने अपनी कुर्सी से उठकर कदम बढ़ाया, तो सबकी सांसें रुक गईं। यह दिखाता है कि उसका रुतबा कितना ऊंचा है। ग्रे पोशाक वाले अधिकारी की घबराहट साफ दिख रही थी। छुपा हुआ तानाशाह दो में पात्रों के बीच की रसायन बहुत अच्छी है। हर कोई अपने किरदार में सच्चा लग रहा है। संवाद कम थे पर भाव ज्यादा थे।
स्याही का हवा में तैरना और फिर पटल पर जमना किसी जादू से कम नहीं था। सफेद पोशाक वाले की आंखों में एक अलग ही आत्मविश्वास था। वह जानता था कि वह क्या करने वाला है। छुपा हुआ तानाशाह दो के इस दृश्य में कार्यवाही और कला का मिलन हुआ है। दर्शक भी इस जादू को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। यह दृश्य लंबे समय तक याद रहेगा।
नीले वस्त्र वाले प्रतिभागी की कलाकृति बहुत सुंदर थी, लेकिन सफेद वाले ने सबका ध्यान खींच लिया। इस शो में प्रतिस्पर्धा का माहौल बहुत तनावपूर्ण है। महिला निर्णायक की सख्त मुद्रा भी कहानी में वजन डालती है। छुपा हुआ तानाशाह दो की यह कड़ी कला और शक्ति का अनोखा संगम है। देखने वाले को बांधे रखने की क्षमता इसमें है। हर कोई अपने किरदार में सच्चा लग रहा है। पुराने जमाने की वास्तुकला भी देखने में शानदार लग रही थी।
अंत में जब स्याही का छींटा पड़ा, तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं। यह सिर्फ चित्रकारी नहीं, एक चुनौती थी। सफेद पोशाक वाले ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। छुपा हुआ तानाशाह दो में ऐसे दृश्य दर्शकों को बांधे रखते हैं। अगली कड़ी के लिए उत्सुकता बढ़ गई है कि अब क्या होगा। निर्णायकों का फैसला क्या होगा यह देखना बाकी है।
जब वह उठा और उसने स्याही को संभाला, तो लगा कोई तूफान आने वाला है। भीड़ में सनसनी फैल गई। कुछ लोग डरे हुए थे तो कुछ उत्साहित। छुपा हुआ तानाशाह दो की कहानी में यह प्रतियोगिता एक बड़ा मोड़ है। अधिकारी की घबराहट यह बताती है कि परिणाम महत्वपूर्ण हैं। कपड़ों की बनावट और गहने भी उस समय के हिसाब से सटीक लग रहे हैं।