कार्यालय का वह दृश्य बहुत ही तनावपूर्ण था। लाल कोट वाली महिला की आंखों में चिंता साफ झलक रही थी। बुजुर्ग महिला का गुस्सा और बेचैनी देखकर लगता है कि कहानी में बड़ा मोड़ आने वाला है। तूने खोया, मैंने पाया का यह भाग रहस्य से भरा हुआ है। वह आदमी गिरा क्यों, यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है। हर किरदार का अभिनय बहुत प्रभावशाली लगा। दर्शक बने रहना चाहते हैं।
सफेद पोशाक वाले लड़के और सफेद वस्त्र वाली लड़की की जोड़ी कमाल की है। फोन बातचीत के बाद जो नजदीकियां बढ़ीं, वह बहुत प्रेमपूर्ण था। चुंबन दृश्य में जो गर्माहट थी, वह दिल को छू गई। इस कार्यक्रम ने मेरे दिल की धड़कन तेज कर दी है। तूने खोया, मैंने पाया में प्यार का यह अंदाज बहुत प्यारा लगा। संगीत भी बहुत मधुर था।
अभिनय बहुत प्राकृतिक लगता है। खास करके कार्यालय वाले दृश्य में जब वह आदमी गिरता है, सबके चेहरे के भाव अलग अलग थे। यह नाटक देखते वक्त लगता है कि हम वही महसूस कर रहे हैं। गुणवत्ता भी बहुत अच्छी है। तूने खोया, मैंने पाया के दल ने मेहनत की है। दर्शकों को बांधे रखने की कला इनमें है। बहुत पसंद आया।
पहले लगा कार्यालय में लड़ाई होगी, पर अंत में प्रेम दृश्य आ गया। यह बदलाव बहुत अप्रत्याशित था। तूने खोया, मैंने पाया की कहानी कितनी अनोखी है। अब अगले भाग का इंतजार मुश्किल हो गया है। हर मोड़ पर नया आश्चर्य मिल रहा है दर्शकों को। कहानी की गहराई बढ़ती जा रही है। मजा आ गया।
लाल कोट वाली नायिका बहुत मजबूत लगती है। उसकी चुप्पी में भी एक कहानी है। और वह सफेद पोशाक वाला नायक, उसकी आंखों में एक अलग ही चमक थी। दोनों की जोड़ी बहुत सूट करती है पर्दे पर। तूने खोया, मैंने पाया में किरदारों को बहुत गहराई से दिखाया गया है। जोड़ी जचती है बहुत।
वह आदमी गिरा क्यों? क्या यह कोई साजिश थी? बूढ़ी महिला का प्रतिक्रिया देखकर शक होता है। रहस्य बढ़ता जा रहा है हर दृश्य के साथ। यह धारावाहिक देखने की लत लग गई है मुझे। तूने खोया, मैंने पाया का हर भाग नई पहेली लेकर आता है। दर्शक बने रहना चाहते हैं अंत तक। कौन है असली?
परिसर और वेशभूषा बहुत शानदार हैं। सफेद पोशाक की कढ़ाई से लेकर बैठक की सजावट तक, सब कुछ श्रेष्ठ लगता है। दृश्य आनंद है यह कार्यक्रम। देखने में बहुत मजा आता है। तूने खोया, मैंने पाया की निर्माण गुणवत्ता बहुत उच्च स्तर की है। हर दृश्य को सजाया गया है बारीकी से। आंखों को सुकून मिला।
जब वह लड़की चाय का प्याला पकड़े बैठी थी, उसकी आंखों में कुछ अलग ही था। शांति और तूफान दोनों एक साथ दिख रहे थे। भावनात्मक गहराई बहुत अच्छी है इस कहानी में। तूने खोया, मैंने पाया ने दिल के करीब जगह बना ली है। अभिनेत्री की आंखों ने सब कह दिया। बहुत प्रभावशाली था।
कहानी की राफ़्तार बहुत सही है। ना ज्यादा तेज, ना ज्यादा धीमी। हर दृश्य के बाद कुछ नया पता चलता है। तूने खोया, मैंने पाया ने मेरी उम्मीदों को पार कर दिया है। बोरियत का नाम नहीं है इसमें। हर पल कुछ नया होता रहता है पर्दे पर। समय बर्बाद नहीं हुआ।
अंत वाला चुंबन दृश्य बहुत खूबसूरत था। प्रकाश प्रभाव और संगीत ने उसे और भी खास बना दिया। अब बस अगला भाग कब आएगा, यही सोच रही हूं। पूरी तरह से जुड़ गई हूं। तूने खोया, मैंने पाया का यह दृश्य याद रहेगा। प्रेम की पराकाष्ठा थी यह। दिल खुश हो गया।