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तूने खोया, मैंने पायावां49एपिसोड

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तूने खोया, मैंने पाया

तीन साल बेकार पति बनकर रहा यश, असल में राजधानी के सूर्यवंशी परिवार का महान युवक निकला। तारा के पुराने प्यार ने आकर उसे तलाक दिलवा दिया। तलाक के बाद यश परिवार लौटा। दक्षिण के बड़े लोग उसके सामने झुके, प्रकाश जोशी जैसे बड़े चिकित्सक भी उसके कायल हो गए। तारा को बाद में पछतावा हुआ, पर यश ने उसे ठुकरा दिया। उसने कुणाल को रौंदा और राजधानी की राजकुमारी प्रियंका से शादी कर ली।
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इस एपिसोड की समीक्षा

चुप्पी का शोर

हॉल वाला दृश्य बहुत तनावपूर्ण था। उसकी आंखों में चिंता साफ दिख रही थी जब वह मोबाइल देख रहा था। बिना कुछ कहे ही सब कह दिया गया। तूने खोया, मैंने पाया की कहानी में यह चुप्पी सबसे भारी लगती है। काश वह मोबाइल रख देता और उसकी बात सुनता।

सफेद लिबास का राज

सफेद कपड़ों वाला शख्स बहुत रहस्यमयी लग रहा है। क्या वह सच में व्यस्त है या जानबूझकर अनदेखा कर रहा है? महिला के चेहरे के भाव बदलते देखकर लगता है कि खेल शुरू हो चुका है। तूने खोया, मैंने पाया का असर है।

शराब और साजिश

शराब पीने वाला दृश्य बिल्कुल अलग माहौल देता है। यहाँ दोनों बराबर की ताकत लग रहे हैं। तूने खोया, मैंने पाया की तरह यह दृश्य भी रहस्यमयी है। नज़रें मिलाने का तरीका बता रहा है कि बीच में कुछ चल रहा है।

बांहों का इशारा

पहली बार जब उसने बांहें मोड़ लीं, तो लगा कि अब वह चुप नहीं रहेगी। धैर्य की परीक्षा हो रही थी। अभिनय बहुत स्वाभाविक है, जैसे हमारे आसपास की कोई कहानी हो। तूने खोया, मैंने पाया देखने में बहुत मज़ा आ रहा है।

काले कपड़ों में खतरा

काले कपड़ों में वह बहुत सुंदर लग रहा था, लेकिन उसकी आंखों में गहरी चिंता थी। शायद वह किसी मुसीबत में फंस चुका है। महिला का आत्मविश्वास देखकर लगता है कि वह जीतने वाली है। तूने खोया, मैंने पाया में यह देखना बाकी है।

रोशनी का खेल

रोशनी और परछाइयों का खेल इस कहानी में कमाल का है। खिड़की की सलाखों से आती रोशनी ने दृश्य को नाटकीय बना दिया। तूने खोया, मैंने पाया की दृश्य कहानी सुनाने का तरीका बहुत मजबूत है। हर पल देखने लायक है।

खेल पलट गया

शुरू में वह उदास लग रही थी, लेकिन अंत तक उसने खेल पलट दिया। यह परिवर्तन बहुत शानदार था। क्या वह बदला ले रही है? मुझे अगली कड़ी देखने का इंतजार नहीं हो रहा है। तूने खोया, मैंने पाया का रहस्य बना रहे।

खतरनाक मुस्कान

मोबाइल की वजह से उनके बीच की दूरी साफ दिख रही थी। फिर अचानक वह मुस्कुराई। यह मुस्कान खतरनाक थी। लगता है योजना कुछ और ही है। इस कहानी में हर पल नया रहस्य है। तूने खोया, मैंने पाया का जादू है।

बिना शब्दों की बात

शराब के गिलास टकराने की आवाज़ भी किसी संवाद से कम नहीं थी। बिना शब्दों के ही सब समझ आ गया। तूने खोया, मैंने पाया में ऐसे दृश्य बार-बार देखने को मिलते हैं। निर्देशन बहुत बढ़िया है। मज़ा आ गया।

उतार चढ़ाव भरी कहानी

कहानी में उतार-चढ़ाव बहुत हैं। कभी लगता है सब ठीक है, कभी लगता है सब गड़बड़ है। यही तो असली मज़ा है। पात्रों की गहराई धीरे-धीरे सामने आ रही है। बिल्कुल छोड़ नहीं सकते। तूने खोया, मैंने पाया बहुत अच्छा है।