यह दृश्य बहुत दिल दहला देने वाला था जब मनीष को बाथरूम जाने से रोका गया। फैजल भाई की गुंडागर्दी देखकर गुस्सा आ रहा था। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे सीन वाकई दर्शकों को झकझोर देते हैं। मनीष की बेचारी हालत देखकर बहुत बुरा लगा जब वह जमीन पर गिर गया। सभी छात्रों का हंसना बहुत क्रूर लगा मुझे। नेटशॉर्ट पर देखने का अनुभव बहुत तनावपूर्ण था।
जब मनीष तिवारी ने पैंट में कर दिया तो पूरा स्कूल उसका मजाक उड़ा रहा था। यह देखकर बहुत दुख हुआ कि कैसे एक छात्र को इतना नीचा दिखाया गया। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य की कहानी में यह मोड़ बहुत महत्वपूर्ण है। फोटो खींचना और वीडियो बनाना आज के दौर की सच्चाई है। काश कोई उसकी मदद करता उस वक्त।
बाथरूम के बाहर खड़ा होकर फैजल ने जो किया वह बिल्कुल सही नहीं था। मनीष की तकलीफ साफ दिख रही थी पर किसी को परवाह नहीं थी। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य असली लगते हैं। जब वह चिल्लाया कि रुक नहीं रहा है तो भी नहीं छोड़ा। यह गुंडागर्दी का सबसे बुरा रूप है जो दिखाया गया।
जब पूरे स्कूल के छात्रों ने वीडियो देखना शुरू किया तो मनीष की इज्जत मिट्टी में मिल गई। कमेंट्स पढ़कर लगा कि लोग कितने बेरहम हो सकते हैं। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में यह दिखाया गया कि कैसे वायरल होना किसी के लिए अभिशाप बन सकता है। सब जानते हैं कि उसने पैंट में कर दिया वाला मजाक बहुत गहरा था।
जब आदित्य और टीचर कॉरिडोर में चल रहे थे तो माहौल थोड़ा शांत लगा। टीचर ने चेतावनी दी कि उन गुंडों से पंगा मत लेना। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में आदित्य का शांत चेहरा बता रहा था कि वह चुप नहीं बैठेगा। उसकी आंखों में गुस्सा साफ दिख रहा था जब उसने मनीष की हालत देखी।
टीचर भी उन गुंडों को काबू नहीं कर पाते थे यह सुनकर हैरानी हुई। स्कूल सिस्टम कितना खराब हो सकता है यह इस दृश्य में दिखता है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में यह दिखाया गया कि अक्सर शिक्षक भी लाचारी महसूस करते हैं। मनीष के साथ हुई घटना के बाद भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं दिखी।
फैजल भाई और उसके दोस्तों का हंसना बहुत अजीब लगा। उन्होंने मनीष को जमीन पर गिराकर फोटो खींचे। यह इंसानियत को शर्मसार करने वाला काम था। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे विलेन किरदार बहुत नफरत के लायक हैं। उम्मीद है आदित्य इनसे बदला लेगा और मनीष को न्याय दिलाएगा जल्दी।
स्कूल का माहौल शुरू में बहुत सुंदर दिखा पर अंदर की सच्चाई कुछ और ही थी। बिल्डिंग बड़ी है पर इंसानियत छोटी हो गई है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में यह विरोधाभास बहुत अच्छे से दिखाया गया है। जब छात्रों ने भीड़ लगाई तो लगा जैसे शिकार देख रहे हों। यह मानसिकता बदलनी चाहिए।
मनीष की चीखें सुनकर दिल पसीज गया जब वह बार बार कह रहा था कि उसे अंदर जाने दो। पर किसी ने नहीं सुना। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में यह भावुक दृश्य बहुत असरदार था। जब वह रोते हुए बोला कि कृपया रोक नहीं रहा है तो दर्द साफ झलक रहा था। यह दृश्य भूला नहीं जाएगा।
आदित्य ने जब वह सब देखा तो उसकी आंखों में बदले की आग दिखी। अब वह चुप नहीं बैठेगा यह पक्का है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में अब संघर्ष शुरू होने वाला है। मनीष की बेइज्जती का बदला जरूर लिया जाएगा। नेटशॉर्ट पर अगली कड़ी देखने का इंतजार नहीं हो रहा है मुझे।