क्लासरूम का वो सन्नाटा जब नया लड़का सीट पर बैठा, बहुत तनावपूर्ण था। बुली को लगा वो राजा है पर चश्मे वाले लड़के ने बिना आवाज उठाए सब संभाल लिया। पैसे देना उसकी ताकत दिखा रहा था। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। आखिर में उनकी आंखों की भाषा ही सब कह रही थी। अभिनय लाजवाब है।
बुली लीडर की शक्ल जब उसे पैसे मिले, वो देखने लायक थी। उसे समझ आ गया कि उसने गलत आदमी से पंगा लिया है। संवाद बहुत शार्प थे। ऐप पर ये देखना बहुत अच्छा लगा। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य की कहानी आपको बांधे रखती है। अगली कड़ी का इंतज़ार नहीं हो रहा है कि बुली को सबक कैसे मिलता है। बहुत ही रोमांचक लग रहा है।
शांति ही असली ताकत है। नए छात्र ने आवाज नहीं उठाई पर जीत गया। उसकी मुस्कान डरावनी भी थी और आकर्षक भी। नोट गिनने के तरीके से आत्मविश्वास झलक रहा था। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में ऐसे शानदार पात्र हैं। वर्दी उस पर बहुत जच रही है। उम्मीद है वो जल्द सबको सबक सिखाएगा। ये दृश्य बहुत पसंद आया।
क्लासरूम की खामोशी शोर मचा रही थी। सब लोग इस मुकाबले को देख रहे थे। रोशनी ने इसे सिनेमैटिक बना दिया। ये फिल्म का दृश्य लग रहा था। पैसे देने का मोड़ अनएक्सपेक्टेड था। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य मेरा पसंदीदा बन रहा है। पृष्ठभूमि संगीत ने तनाव बढ़ा दी। बहुत ही शानदार दृश्य खंड है। देखने में मज़ा आया।
निडर होने वाले संवाद बहुत गहरे थे। इसने उनके रिश्ते की नींव रखी। बुली ने अभिनय किया पर फेल हो गया। नए लड़के का जवाब क्लासिक था। मुझे पसंद है कैसे (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य ऐसे अर्थपूर्ण पंक्तियाँ लिखता है। ये सिर्फ लड़ाई नहीं, मनोविज्ञान है। कौशल उत्कृष्ट हैं यहाँ पर। हर बारीकी पर ध्यान दिया गया है।