आदित्य की शांति देखकर हैरानी हुई। करण चौहान जैसे गुंडे के सामने भी वह नहीं डरा। क्लासरूम में कागज बिखरे थे फिर भी उसका रवैया काबिले तारीफ है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में ऐसा किरदार पहले नहीं देखा। चश्मे वाला लड़का असली हीरो लग रहा है। मनीष की चेतावनी भी जायज थी। रोहित से भी उसने पंगा लिया था। अब देखना है आगे क्या होता है। स्कूल की दीवारों पर डर साफ झलक रहा था। आदित्य की आंखों में अलग ही चमक थी जो मुझे पसंद आई।
मनीष का किरदार बहुत प्यारा लगा। उसने आदित्य को सच्चाई बताई कि रोहित करण के लिए काम करता है। स्कूल की गलियारों में डर का माहौल साफ दिख रहा है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य की कहानी में दोस्ती की अहमियत है। वेंडिंग मशीन वाला सीन कॉमेडी भी था और डर भी। मनीष ने दूध पीते हुए सब समझाया। आदित्य चुपचाप सुन रहा था। यह जोड़ी स्क्रीन पर अच्छी लग रही है। दोस्त का साथ मिलना जरूरी है।
करण चौहान की एंट्री धमाकेदार थी। चमड़े का जैकेट और घूरने वाली आंखें। लगता है स्कूल का राज उसी के हाथ में है। आदित्य से टकराव तय है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में विलेन बहुत खतरनाक लग रहा है। कॉरिडोर में सब उससे डर रहे थे। अगला एपिसोड देखने को बेचैन हूं। उसने आदित्य को नोटिस किया। नाम प्लेट देखकर उसे शक हुआ। यह टकराव बहुत बड़ा होने वाला है। सब लोग सहमे हुए थे।
क्लासरूम की हालत देखकर शॉक लगा। कुर्सियां उलटी थीं और कागज हर जगह बिखरे हुए थे। आदित्य ने बिना हिले सब देखा। यह शुरुआत ही बहुत तनावपूर्ण है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में एक्शन के संकेत मिल रहे हैं। टीचर के आते ही सब भाग गए थे। स्कूल लाइफ का डार्क साइड दिखाया गया है। आदित्य ने दरवाजे से अंदर कदम रखा। सबकी नजरें उस पर थीं। माहौल में सन्नाटा छा गया था।
मनीष ने कहा था करण से कभी मत उलझना। उसके घर का गैंग से कनेक्शन है। फिर भी आदित्य रुका नहीं। यह जिद्द ही उसे अलग बनाती है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में संघर्ष साफ झलकता है। हिंदी डबिंग में डायलॉग बहुत असरदार लग रहे हैं। रोहित की धमकी भी हल्की नहीं थी। आदित्य ने सिर्फ मुस्कुराकर जवाब दिया। यह कॉन्फिडेंस देखने लायक था। हर कोई उसकी तरफ देख रहा था।
स्कूल का माहौल बहुत सुंदर है लेकिन कहानी गंभीर है। घड़ी वाली इमारत और नीली रेलिंग्स। आदित्य की यूनिफॉर्म बहुत सूट करती है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य की सिनेमेटोग्राफी अच्छी है। वेंडिंग मशीन के पास वाला सीन बहुत क्लोज अप था। हर फ्रेम में कुछ नया है। मनीष और आदित्य की बातचीत ने कहानी आगे बढ़ाई। बाहर का दृश्य बहुत शांत था। अंदर का शोर अलग था।
रोहित ने सुबह पंगा लिया था। अब करण सामने है। आदित्य अकेला कैसे लड़ेगा? मनीष उसका साथ दे रहा है। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में दोस्ती और दुश्मनी का खेल है। नाम प्लेट पर आदित्य यादव लिखा था। करण ने उसे नोटिस कर लिया है। गलियारे में सबने रास्ता दिया। आदित्य ने पीछे मुड़कर देखा। यह नजरें मिलना बहुत अहम था। कहानी में ट्विस्ट आने वाला है।
आदित्य नया है पर डरा नहीं। उसे पता है क्या करना है। करण चौहान को लगा वह नया लड़का है। पर आदित्य की आंखों में चमक थी। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में राज छिपा है। क्लास में सब चुप थे जब वह आया। सस्पेंस बना हुआ है। उसने चश्मा ठीक किया और आगे बढ़ा। करण के गुंडे भी हैरान थे। यह शांति तूफान से पहले की है। मुझे यह मिस्ट्री पसंद आ रही है।
मनीष का डर असली लगा। उसने दूध का पैकेट गिरा दिया था। आदित्य ने उसे संभाला। यह बॉन्डिंग अच्छी लगी। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य में इमोशनल पल भी हैं। सिर्फ मारपीट नहीं है। स्कूल की राजनीति दिखाई गई है। मनीष ने पेट पकड़कर दर्द दिखाया। आदित्य ने ध्यान नहीं दिया। यह उसकी मजबूती दिखाता है। दोस्ती की शुरुआत ऐसे ही होती है।
एपिसोड खत्म हुआ पर कहानी नहीं। करण चला गया पर वापस आएगा। आदित्य खिड़की से देख रहा था। (डबिंग) स्कूल का शेर आदित्य का क्लाइमेक्स आने वाला है। नेटशॉर्ट पर देखने का मजा आ गया। अगला पार्ट कब आएगा। आदित्य ने मुस्कुराकर चुनौती स्वीकार की। करण को गुस्सा आया। यह जंग अब शुरू हुई है। स्कूल की दीवारें गवाह बनेंगी।