देव की तलवारबाजी देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जब पत्थर की मूर्तियां जीवित हुईं तो लगा कि अब असली परीक्षा शुरू हुई है। एक्शन सीन्स बहुत शानदार हैं और जादुई प्रभाव आंखों को भाते हैं। (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट में ऐसे रोमांचक दृश्य देखने को मिलते हैं जो दर्शकों को बांधे रखते हैं। देव की हिम्मत की दाद देनी होगी।
वह छोटा लड़का बहुत रहस्यमयी लग रहा है। उसने कहा कि ये व्यूह उसने खुद बनाए थे और वो भी साधारण दर्जे के। इतनी कम उम्र में इतनी शक्ति चौंकाने वाली है। क्या वह देव के लिए मुसीबत बनेगा? (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट की कहानी में यह मोड़ बहुत दिलचस्प है। आगे क्या होगा यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है।
देव की मां उसे हर हाल में नारंगी फूल लाने को कहती हैं। परिवार की उम्मीदों का बोझ उसके कंधों पर है। फिर भी वह डरा नहीं और परीक्षा मैदान में उतर गया। रिश्तों की यह जटिलता कहानी को गहराई देती है। (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट में भावनात्मक पल भी उतने ही मजबूत हैं जितने एक्शन।
गुरुदेव ने बताया कि सौ साल पहले तलवारबाजी के महागुरु यहां आए थे। इतिहास और वर्तमान का यह मिलन बहुत अच्छा लगा। परीक्षा के नियम स्पष्ट हैं लेकिन उन्हें तोड़ना आसान नहीं। (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट की पृष्ठभूमि बहुत समृद्ध लगती है। दर्शकों को यह दुनिया जरूर पसंद आएगी।
अन्य शिष्य देव से जल रहे हैं। वे कहते हैं कि वह केवल किस्मत से जीता है। लेकिन देव ने अपनी काबिलियत साबित कर दी है। ईर्ष्या और प्रतिद्वंद्विता कहानी में रोमाच बढ़ाती है। (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट में पात्रों के बीच का संघर्ष बहुत अच्छे से दिखाया गया है। यह देखना मजेदार है।