शुरुआत का दृश्य बहुत ही रहस्यमयी था, लाल कवच वाला योद्धा अपनी तलवार का गुस्सा निकाल रहा था। बदले की आग उसकी आँखों में साफ दिख रही थी। (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट में डायलॉग बाजी कमाल की है, खासकर जब वह लकड़ी के खंभे को काटता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। यह प्रतिशोध की कहानी आगे क्या मोड़ लेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
बाहर के दृश्य में जब बूढ़े नेता अपनी टीम के साथ पहुंचे, तो लगा कोई बड़ी प्रतियोगिता होने वाली है। लेकिन द्वारपाल का व्यवहार देखकर गुस्सा आ गया। उसने कागज फाड़कर जमीन पर फेंक दिया, यह अपमान सहना मुश्किल है। (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट की वजह से हिंदी दर्शकों को यह भावनात्मक उतार चढ़ाव अच्छे से समझ आ रहा है।
मूंछों वाले आदमी की अकड़ देखकर हैरानी हुई, वह बिना वजह किसी को अंदर नहीं जाने दे रहा था। जब नेता ने कहा कि हमारा नाम लिस्ट में है, फिर भी उसने अनसुना कर दिया। यह शक्ति का दुरुपयोग है। (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट में ऐसे विलेन किरदार हमेशा दर्शकों का ध्यान खींचते हैं, आगे जरूर इसकी सबक मिलेगा।
अंधेरे कमरे में मोमबत्तियों की रोशनी और सामुराई का संवाद बहुत ही ड्रामेटिक था। उसने कहा कि पूरे देश का मजाक बना था, अब बदला लेगा। यह डायलॉग दिल पर असर करता है। (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट की वजह से यह सीन और भी भारी लग रहा है। एक्शन और इमोशन का अच्छा मिश्रण है।
जब युवक ने बीच में दखल दिया और पूछा कि यह कैसा बर्ताव है, तो लगा अब लड़ाई होगी। लेकिन मूंछों वाले ने चालाकी से कागज फाड़ दिया। यह ट्विस्ट अच्छा लगा। (डबिंग) किशोर खड्ग सम्राट में ऐसे मोड़ कहानी को आगे बढ़ाते हैं। पात्रों के बीच की तनावपूर्ण स्थिति बहुत अच्छे से दिखाई गई है।