शुरुआत में जब उसने बंदूक उठाई, तो लगा कि यह एक अपराध की कहानी है। लेकिन डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार का व्यवहार बता रहा था कि यह कुछ और ही है। झील के किनारे का वह संघर्ष सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि भावनात्मक था। जब वे दोनों पानी में डूबे, तो लगा जैसे वे अपनी सारी नफरत को बहा रहे हों। नेटशॉर्ट पर ऐसे इंटेंस ड्रामे देखना सुकून देता है।
मैगजीन कवर पर डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार को देखकर कोई नहीं सोच सकता कि वह इतना हिंसक हो सकता है। टीवी पर उसकी छवि और हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क है। झील वाला सीन यह साबित करता है कि हर इंसान के अंदर एक राज छिपा होता है। पानी के नीचे का वह सीन जहां वे एक-दूसरे को बचाते हैं, वह उनकी जटिल कहानी को बयां करता है।
वह पानी के नीचे का दृश्य सिनेमेटोग्राफी का कमाल था। सूरज की किरणें और बुलबुले एक सपने जैसा माहौल बना रहे थे। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार और वह लड़की, दोनों ही पानी में तैरते हुए एक नई दुनिया में थे। वहां न कोई गुस्सा था, न कोई बंदूक। बस दो लोग जो एक-दूसरे के बिना रह नहीं सकते। यह दृश्य मुझे लंबे समय तक याद रहेगा।
पूरा सीन एक गलतफहमी पर बना था। वह लड़की डरी हुई थी और डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार गुस्से में था। लेकिन जब बंदूक छिन गई और वे झील में गिरे, तो सब कुछ बदल गया। पानी ने उनकी सारी गलतफहमियों को धो दिया। अब वे एक-दूसरे को समझ रहे हैं। यह कहानी बताती है कि कभी-कभी प्यार पाने के लिए सब कुछ खोना पड़ता है।
यह झील सिर्फ पानी का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि इन दोनों के रिश्ते का प्रतीक है। शुरू में यह मौत का कारण बनती है, लेकिन अंत में यह प्यार की गवाह बन जाती है। डॉ. नॉर्मन, मेरा प्यार का पानी में कूदना यह दिखाता है कि वह अपने अतीत से भाग नहीं सकता। यह कहानी बहुत गहरी है और हर सीन में कुछ नया छिपा है। नेटशॉर्ट पर ऐसे कंटेंट की कमी है।