शुरुआत में लगा कि यह कोई साधारण रोमांटिक कहानी है पर फिर अचानक डर लगने लगा। जब स्क्रीन पर व्यवस्था का संदेश आया तो समझ गया कि यह कोई साधारण फ्लाइट नहीं है बल्कि कुछ और ही है। एयर होस्टेस का घातक खेल देखकर रोंगटे खड़े हो गए और दिल की धड़कन तेज़ हो गई। आखिर में वो भयानक राक्षस किसने भेजा यह सवाल बहुत तनाव बना हुआ है। इस मंच पर ऐसे शो देखने का मज़ा ही अलग है जो बार बार देखने को मजबूर कर देता है दर्शकों को।
यात्री की घबराहट साफ दिख रही थी जब वह अचानक सीट पर बैठ गई बिना कुछ कहे। बिना बताए इतनी करीब आ जाना सामान्य बात नहीं थी और सबको शक होने लगा। एयर होस्टेस का घातक खेल में हर पल नया मोड़ आता है जो सोचा नहीं जा सकता। पर्ची मिलने के बाद सब कुछ बदल गया और खेल शुरू हो गया। आंखों पर पट्टी बांधने का दृश्य बहुत डरावना था और सन्नाटा छा गया। काश पता चलता कि आखिर खेल क्या है और जीत कैसे संभव है इस मुश्किल वक्त में।
हॉरर और थ्रिल का बेहतरीन मिश्रण है यह कहानी जो शुरू से अंत तक बांधे रखती है। जब सभी ने आंखें बंद कीं तो पीछे से अजीब आवाज़ें आने लगीं जो डरावनी थीं। एयर होस्टेस का घातक खेल ने उम्मीद से ज्यादा डराया और हैरान किया सबको। वो लाल राक्षस की बनावट बहुत भयानक थी और मुंह बहुत बड़ा था। कैबिन का माहौल इतना तनावपूर्ण कैसे हो गया समझ नहीं आया किसी को भी। अगली कड़ी कब आएगी बेसब्री से इंतज़ार है हर प्रशंसक को इस शो का।
पायलट की वर्दी में वह इतनी खूबसूरत लग रही थीं पर अंदर से बहुत रहस्यमयी थीं। व्यवस्था के अंक बढ़ने से कहानी आगे बढ़ती है और नए राज खुलते हैं। एयर होस्टेस का घातक खेल में खेल का अंदाज़ बहुत पसंद आया मुझे। चिट्ठी में क्या लिखा था यह जानना बहुत जरूरी है कहानी के लिए। यात्रियों की घबराहट असली लग रही थी स्क्रीन पर देखने में। बहुत ही अनोखी कहानी है जो बार बार देखने को मजबूर करे और सोचने पर।
फ्लाइट के बीच में ऐसा हो जाएगा किसी ने नहीं सोचा था और सब हैरान रह गए। सब लोग शांत बैठे थे अचानक हंगामा मच गया और शोर हुआ। एयर होस्टेस का घातक खेल का अंत बहुत तेज़ था और धमाकेदार था। अंधेरे में वो साया कौन था देखकर डर लग गया और नींद उड़ गई। इस मंच पर ऐसे शो कम ही मिलते हैं जो इतना डराएं। हर दृश्य में कुछ न कुछ छिपा हुआ है जो बाद में खुलता है और समझ आता है।
चश्मे वाले लड़के की अभिनय बहुत स्वाभाविक लगी और दिल को छू गई। जब वह नोट पढ़ रहा था तो उसके चेहरे के भाव बदल गए और डर लगा। एयर होस्टेस का घातक खेल में हर किरदार की अहमियत है और भूमिका बड़ी है। सिर्फ एक महिला ही नहीं सब कुछ संदेह के घेरे में है और शक है। शौचालय वाला दृश्य भी बहुत तनाव से भरा था और डरावना था। घड़ी में समय कम होता जा रहा था जो खतरे की घंटी थी सबके लिए।
खून के निशान और डरावने माहौल ने रंग जमा दिया और डर बढ़ाया। जब लाइटें बंद हुईं तो सन्नाटा चीखने लगा और खौफ छा गया। एयर होस्टेस का घातक खेल देखते वक्त सांस रुक सी गई थी और डर लगा। वो विशालकाय मुंह और दांत बहुत ही भयानक बनावट के थे और खूनी थे। कहानी में गहराई है जो पहली नज़र में समझ नहीं आती और पहेली है। ऐसे रोमांचक शो देखकर दिमाग काम करता रहता है और सोचता रहता है।
शुरुआत सामान्य लगती है पर धीरे धीरे सब बदल जाता है और डर लगता है। महिला के इशारे पर सबने आंखें बंद कर लीं यह अजीब था और अनोखा। एयर होस्टेस का घातक खेल में नियम तोड़ने की सजा मिलती है कड़ी। अच्छाई बढ़ने से क्या मिलता यह भी जानना है और इंतज़ार है। सीट पट्टा बांधने का तरीका भी अलग दिखाया गया और नया था। हर छोटी चीज़ पर ध्यान देना पड़ता है वरना खेल खत्म हो जाता है।
कैबिन के अंदर का घुटन भरा माहौल बहुत अच्छे से दिखाई गया है और सही है। भागने का कोई रास्ता नहीं बचता जब हवा में हो और फंसे हो। एयर होस्टेस का घातक खेल ने डर की नई परिभाषा लिख दी है और बनाई है। पीछे से आती हुई आवाज़ें रोंगटे खड़ी कर देती हैं और डराती हैं। इस मंच पर चित्र गुणवत्ता भी बहुत साफ है और अच्छी है। रात में अकेले में यह देखना हिम्मत का काम है बिल्कुल और डरावना है।
अंत में जो राक्षस आया वह किसी बुरे सपने जैसा था और भयानक था। सब लोग बेखबर बैठे थे और मौत सामने खड़ी थी और डर थी। एयर होस्टेस का घातक खेल की हर कड़ी हैरान कर देती है और चौंकाती है। क्या यह सच है या कोई नाटक यह सवाल बना है और रहस्य है। पात्रों के बीच का तनाव बहुत ही असली लग रहा था और गहरा था। ऐसे शो देखने के बाद नींद नहीं आती रात को बिल्कुल और डर लगता है।