जब वो छोटी सी लड़की बिना कुछ बोले बैठी रही, तो लगा जैसे पूरा गाँव रुक गया हो। उसके आँखों में दर्द था, पर वो रोई नहीं। बड़े लोग बातें करते रहे, पर उसकी चुप्पी सबसे ज़्यादा बोल रही थी। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह में ऐसे पल ही तो दिल छू लेते हैं। नेटशॉर्ट पर देखते वक्त लगा जैसे मैं भी उसी बांस के झुरमुट में बैठी हूँ, साँस रोके।
जब वह छोटी सी लड़की बिना कुछ कहे बैठी रही, तो लगा जैसे पूरी दुनिया रुक गई हो। उसके आँखों में दर्द था, पर वो रोई नहीं। बड़े लोग हँस रहे थे, पर उसकी चुप्पी सबके चेहरे पर सवाल छोड़ गई। आपदाएँ बरसीं, सिस्टम से पाई राह में ऐसे पल ही तो जान डालते हैं। नेटशॉर्ट पर देखते वक्त लगा कि कभी-कभी सबसे तेज़ आवाज़ वो होती है जो नहीं निकलती।