बर्फ़ में वो सीन बहुत दर्दनाक था जब क़िन बु ज़ियाओ ने गोली खाई। उसकी आँखों में पछतावा साफ़ दिख रहा था। आज़ाद परिंदे की कहानी ने दिल छू लिया। काश वो बच जाता और दोनों साथ होते। पुलिस का आना बहुत देर से हुआ।
अंत में वो चिट्ठी पढ़कर मैं रो पड़ी। चीनी का पानी वाला संदेश बहुत मासूम था। तीन साल बाद भी वो उसे भूल नहीं पाई। बच्चा शायद उसकी निशानी है। इस शो ने मुझे भावुक कर दिया। आज़ाद परिंदे का अंत उदास लेकिन सुंदर था।
एक्टर की एक्टिंग लाजवाब थी। बंदूक पकड़ते वक्त और फिर बचाते वक्त उसके चेहरे के भाव बदल गए। ऐसे ड्रामे कम ही देखने को मिलते हैं। नेटशॉर्ट ऐप पर ये सीरीज़ जरूर देखें। आज़ाद परिंदे में हर एपिसोड में नया ट्विस्ट था।
बर्फ़बारिश का माहौल बहुत रोमांटिक और दुखद था। रात का सीन बहुत अच्छी तरह फिल्माया गया था। रोशनी और छाया का खेल देखने लायक था। कहानी में गहराई थी। आज़ाद परिंदे ने साबित किया प्यार सब जीत लेता है।
विलेन का अचानक आना और गोली चलाना चौंकाने वाला था। हीरो ने बिना सोचे समझे अपनी जान दे दी। ये सच्चा प्यार था। मुझे ऐसा अंत उम्मीद नहीं था। आज़ाद परिंदे की स्क्रिप्ट बहुत मजबूत थी। हर कोई हैरान रह गया।
तीन साल बाद का सीन दिखाता है कि वो कैसे जी रही है। बच्चे का आना उम्मीद की किरण है। शायद वो उसकी यादों को जिंदा रखेगा। कहानी बहुत प्यारी थी। आज़ाद परिंदे में समय का कूद बहुत अच्छे से दिखाया गया था।
पुलिस कार का सायरन और ब्लू लाइट्स ने तनाव बढ़ा दिया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हीरो की मौत ने सबको झकझोर दिया। बहुत दुख हुआ। आज़ाद परिंदे का क्लाइमेक्स बहुत इमोशनल था।
लड़की के आंसू देखकर दिल पसीज गया। उसने उसे गले लगाया जब वो गिर रहा था। आखिरी विदाई बहुत भारी थी। मैं भी रोने लगा। आज़ाद परिंदे ने दर्शकों के दिलों पर राज किया। ये कहानी लंबे समय तक याद रहेगी।
नोट में लिखा संदेश बहुत मायने रखता था। छोटी चीजें बड़े प्यार को दर्शाती हैं। वो क़िन बु ज़ियाओ को कभी भूल नहीं पाएगी। ये ड्रामा बहुत खास है। आज़ाद परिंदे की कहानी में सच्चाई और वफादारी थी। मुझे बहुत पसंद आया।
कुल मिलाकर ये शो बेहतरीन था। एक्शन और इमोशन का सही संतुलन था। हर कोई इसे देखना चाहिए। अंत थोड़ा दुखद था पर सुंदर था। आज़ाद परिंदे ने मेरी उम्मीदों से ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया। मैं इंतजार करूंगी नए सीजन का।