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आज़ाद परिंदेवां33एपिसोड

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आज़ाद परिंदे

अपनी चाची से बचने के लिए आदिति गैंगस्टर यश को फंसाती है। यश उसे अपने पास रोक लेता है। धीरे धीरे दोनों करीब आते हैं, लेकिन यश को अपने गैंग ने धोखा देकर समुद्र में फेंक दिया। आदिति विदेश चली जाती है, जहाँ उसकी मुलाकात याददाश्त खो चुके यश से होती है। वापस लौटने पर पता चलता है कि यश का भूलना एक नाटक था, वह सत्ता हथियाने की साजिश रच रहा था। आदिति भागने की कोशिश करती है, लेकिन यश उसे कैद कर लेता है और उसे पता चलता है कि वह गर्भवती है। क्या आदिति कभी आज़ाद हो पाएगी? क्या यश का प्यार कभी सच्चा था?
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इस एपिसोड की समीक्षा

अनजिंग की चिंता

इस दृश्य में अनजिंग की आंखों में जो डर था, वह सब कुछ बता रहा था। जब उसे वह काली डायरी मिली, तो कहानी में एक नया मोड़ आ गया। आज़ाद परिंदे का यह एपिसोड बहुत ही रहस्यमयी है। अटेंडिंग फिजिशियन के साथ उसकी बहस देखकर लगता है कि अस्पताल में कुछ गड़बड़ है। वुवेई चुपचाप सब देख रहा था। नेटशॉर्ट ऐप पर देखने का अनुभव भी काफी अच्छा रहा है।

बेहोश मरीज का राज

उस बेहोश मरीज के चेहरे पर चोट के निशान साफ दिख रहे थे। अनजिंग ने जब उसे छुआ, तो ऐसा लगा जैसे वह उसे पहचानती हो। आज़ाद परिंदे की कहानी धीरे-धीरे खुल रही है। यानक्सिंग का व्यवहार भी काफी संदेहस्पद लग रहा था। क्या वह कुछ छिपा रहे हैं? यह सवाल हर दर्शक के मन में है। कहानी में गहराई है। मुझे यह पसंद है।

अस्पताल का तनाव

नर्सिंग स्टेशन पर जब सभी डॉक्टर इकट्ठा हुए, तो माहौल में काफी तनाव था। अनजिंग और वुवेई के बीच की खामोशी भी कुछ कह रही थी। आज़ाद परिंदे में ऐसे सीन बहुत अच्छे लगते हैं जहां बिना संवाद के ही बात समझ आ जाए। यानक्सिंग की डांट सुनकर अनजिंग का चेहरा उतर गया था। माहौल बहुत भारी था। सब चुप थे।

काली नोटबुक का राज

वह काली डायरी किसकी थी? अनजिंग ने उसे क्यों छिपाया? ये सवाल आज़ाद परिंदे के इस सीन में बहुत अहम हैं। मरीज के पास वो चीज क्यों थी? अटेंडिंग फिजिशियन को शक हुआ तो क्या होगा? अनजिंग की हिम्मत देखकर अच्छा लगा कि वह डरी नहीं। अब सच सामने आएगा। धैर्य से देखना होगा। रोमांच बढ़ रहा है।

वुवेई की चुप्पी

वुवेई पूरे समय चुपचाप सब देख रहा था। क्या वह अनजिंग का साथ देगा या यानक्सिंग का? आज़ाद परिंदे में हर किरदार की अपनी एक परत है। जब अनजिंग कमरे से बाहर गई, तो वुवेई का चेहरा भी चिंतित था। यह तिकोनी कहानी बहुत दिलचस्प होती जा रही है। देखने में मजा आ रहा है। हर पल नया है। बहुत अच्छा है।

खुली बहस

खाली बिस्तर के सामने जब अनजिंग ने यानक्सिंग से सवाल किए, तो माहौल गरम हो गया। आज़ाद परिंदे की कहानी में अब तक की यह सबसे बड़ी झड़प थी। क्या सच सामने आएगा? अनजिंग की आवाज में गुस्सा और डर दोनों था। यह सीन बहुत ही दमदार था। मुझे बहुत पसंद आया। एक्टिंग शानदार है। देखने लायक है।

हॉस्पिटल की ठंडक

अस्पताल की सफेद दीवारों के बीच जो ठंडक थी, वह कहानी के तनाव को बढ़ा रही थी। आज़ाद परिंदे का सेट डिजाइन बहुत यथार्थवादी है। जब अनजिंग दौड़ती हुई बाहर गई, तो कैमरा एंगल भी बहुत अच्छा था। दर्शक को भी अपनी सांस रोकनी पड़ती है। यह कलाकारी बेमिसाल है। दृश्य बहुत सुंदर हैं। तकनीक अच्छी है।

छिपा हुआ सच

मरीज कौन है और उसे चोट कैसे लगी? आज़ाद परिंदे में ये सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। अनजिंग की जिज्ञासा उसे मुसीबत में डाल सकती है। यानक्सिंग की आंखों में भी कुछ छिपा था। यह थ्रिलर मुझे बहुत पसंद आ रहा है। हर एपिसोड नया सरप्राइज देता है। देखते रहना चाहेंगे। अगला एपिसोड कब आएगा। इंतजार है।

अनजिंग का डर

अनजिंग के चेहरे पर जो भाव थे, वह किसी कलाकार से ही आ सकते हैं। आज़ाद परिंदे की अभिनय शैली बहुत स्वाभाविक है। जब उसे लगा कि मरीज खतरे में है, तो उसकी घबराहट असली लग रही थी। वुवेई का सहयोग भी उसे चाहिए होगा। यह जोड़ी अच्छी लग रही है। आगे क्या होगा? उत्सुकता बढ़ रही है। मजा आ रहा है।

कहानी का मोड़

जैसे ही डायरी सामने आई, कहानी में एक नया मोड़ आ गया। आज़ाद परिंदे के लेखक ने बहुत अच्छा प्लॉट लिखा है। अटेंडिंग फिजिशियन का रिएक्शन देखकर लगता है कि वह कुछ जानते हैं। अनजिंग अब अकेली नहीं है, वुवेई भी उसके साथ है। आगे क्या होगा? यह जानना जरूरी है। कहानी आगे बढ़ेगी। रोचक है।