मशरूम कॉस्ट्यूम पहने कलाकारों को देखकर हंसी नहीं रुक रही है। गंभीर दृश्यों में भी यह पोशाक कॉमेडी जोड़ती है। बुजुर्ग व्यक्ति का भी मशरूम बनना चौंकाने वाला मोड़ है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह देखना मजेदार रहा। कहानी में अच्छी दवा मीठी होती है वाला संदेश छिपा लगता है। पात्रों के बीच का तनाव वास्तविक लगता है और दर्शक को बांधे रखता है।
युवक के आंसू और होठों पर खून देखकर दुख हुआ। अभिनय बहुत भावनात्मक और दिल को छूने वाला है। बच्चे की भालू वाली टोपी मासूमियत बढ़ाती है। यह कहानी जादू और यथार्थ का मिश्रण है। अच्छी दवा मीठी होती है पंक्ति यहाँ सार्थक लगती है। पारंपरिक इमारतें पृष्ठभूमि में सुंदर लग रही हैं। संगीत भी मूड के अनुसार है।
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