जब वो शीशे के उस पार खड़ा था और उसने अंगूठी निकाली, मेरा दिल रुक सा गया। उसके निषिद्ध कैदी में ये दृश्य सबसे भावुक है। कैदी की वर्दी में भी उसकी आँखों में वही पुराना प्यार दिख रहा था। खून के निशान और फिर विवाह प्रस्ताव, ये विरोधाभास कमाल का था। पुलिस वाले के आगमन ने तनाव और बढ़ा दिया। क्या अब इनका प्यार जीत पाएगा या फिर ये जेल की दीवारें इनको हमेशा के लिए अलग कर देंगी?
दृश्य की शुरुआत में ही खून के छींटे देखकर मैं चौंक गई। उसके निषिद्ध कैदी का ये मोड़ बिल्कुल उम्मीद नहीं था। वो लड़का इतना शांत कैसे रहा जब शीशे पर खून लगा? शायद वो सब योजनाबद्ध था। पुलिस अधिकारी के आगमन लेते ही माहौल बदल गया। उसने लड़की के गले को पकड़ा और फिर चुंबन किया, ये देखकर गुस्सा आया। क्या वो पुलिस वाला खलनायक है? ये रहस्य मुझे पागल कर रहा है।
कैदी की वर्दी में वो लड़की कितनी मासूम लग रही थी, माथे पर पट्टी और आँखों में आँसू। उसके निषिद्ध कैदी में अभिनय जबरदस्त है। जब उसने दूरभाष उठाया तो लगा जैसे सालों बाद कोई आवाज़ सुनी हो। विवाह प्रस्ताव दृश्य में उसकी खुशी देखकर मैं भी रो पड़ी। लेकिन फिर पुलिस वाले ने सब खराब कर दिया। क्या ये कहानी दुखद अंत की ओर जा रही है? मुझे तो बस इन दोनों का साथ देखना है।
ये पुलिस अधिकारी कौन है? उसके निषिद्ध कैदी में इसका किरदार बहुत शकीन लग रहा है। वो लड़की के पास आया, उसका चेहरा छुआ और फिर चुंबन कर लिया, वो भी कैदी के सामने। ये बिल्कुल सही नहीं लगा। शायद वो लड़की से प्यार करता है या फिर बदला ले रहा है। जो भी हो, उस लड़के की हालत देखकर बुरा लगा जो शीशे के उस पार बस देखता रहा। क्या अब वो कुछ कर पाएगा? ये नाटक बहुत आगे बढ़ गया है।
शुरुआत में खून के निशान ने मुझे डरा दिया, लेकिन फिर अंगूठी वाला दृश्य आया तो सब भूल गई। उसके निषिद्ध कैदी में भावनाओं का ये रोलरकोस्टर कमाल का है। लड़के ने हिम्मत दिखाई और प्रस्ताव कर दिया, भले ही वो जेल में है। लड़की की प्रतिक्रिया देखकर लगा जैसे उसे दुनिया मिल गई हो। लेकिन पुलिस वाले के आगमन ने सब कुछ पलट दिया। अब आगे क्या होगा, ये सोचकर ही घबराहट हो रही है।
जब वो लड़का शीशे के उस पार खड़ा था, तो लगा जैसे वो चीख रहा हो लेकिन आवाज़ नहीं निकल रही। उसके निषिद्ध कैदी का ये दृश्य बहुत दर्दनाक था। लड़की की आँखों में आँसू और माथे पर पट्टी, सब कुछ बता रहा था कि उसके साथ क्या बीता है। पुलिस वाले का व्यवहार बिल्कुल गलत था। क्या ये कहानी अनजाने प्यार के बारे में है या फिर कोई बड़ी साजिश? मुझे तो बस अगली कड़ी देखना है।
उसके निषिद्ध कैदी में हर दृश्य के साथ नया सवाल खड़ा हो रहा है। पहले लगा कि ये रोमांटिक फिल्म है, फिर खून के निशान आए, फिर प्रस्ताव और अब पुलिस वाला। ये लड़की आखिर है कौन? क्यों है वो जेल में? और वो लड़का क्यों आया है उससे मिलने? पुलिस वाले का चुंबन वाला दृश्य तो बिल्कुल ही चौंकाने वाला था। क्या ये लड़की मजबूर है या फिर सब उसकी चाल है? पहेली सुलझ नहीं रही है।
जब पुलिस वाले ने लड़की को पकड़ा, तो शीशे के उस पार खड़े लड़के की आँखों में जो चीख थी, वो मैं महसूस कर सकती हूँ। उसके निषिद्ध कैदी में अभिनय इतना वास्तविक है कि लगता है सब सच हो रहा है। लड़की ने पुलिस वाले को रोकने की कोशिश भी नहीं की, शायद वो डरी हुई थी। या फिर कुछ और बात थी? ये जेल का माहौल और वो ठंडी दीवारें सब कुछ बहुत अंधेरा बना रही हैं। मुझे तो बस इनका अंत अच्छा देखना है।
पुलिस वाले के आगमन ने सब कुछ बदल दिया। उसके निषिद्ध कैदी में ये मोड़ बहुत तेज़ था। जब तक लड़का प्रस्ताव कर रहा था, सब ठीक था, लेकिन फिर ये आ गया। उसने लड़की के गले को पकड़ा और फिर चुंबन किया, ये देखकर गुस्सा आया। क्या वो लड़की का पति या प्रेमी है? या फिर जेल अधिकारी? जो भी हो, उस लड़के की बेबसी देखकर दिल दुखी हो गया। अब वो क्या करेगा? क्या वो लड़की को बचा पाएगा?
उसके निषिद्ध कैदी का ये दृश्य दिखाता है कि प्यार किसी भी दीवार को तोड़ सकता है, लेकिन क्या वो पुलिस वाले को तोड़ पाएगा? लड़के ने हिम्मत दिखाई और अंगूठी निकाली, ये बहुत बहादुरी का काम था। लड़की की खुशी देखकर लगा जैसे सब ठीक हो जाएगा, लेकिन फिर पुलिस वाले ने सब खराब कर दिया। अब आगे की कहानी और भी तीव्र होने वाली है। मुझे तो बस ये देखना है कि क्या इनका प्यार जीत पाएगा।
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